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Thursday, 1 March 2018

श्रीगंगानगर:-जमीनी हक़ लेने को लेकर दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर बुजुर्ग,कोर्ट के आदेश फिर भी रसूखदारों का पलड़ा भारी,रिपोर्ट एक्सक्लूसिव के सामने फुट-फुट कर रोया बुजुर्ग

पीड़ित द्वारा दी गयी कॉपी
रिपोर्ट एक्सक्लूसिव,श्रीकरणपुर। पत्रकारिता में अक्सर कोई ना कोई ऐसे मामले आते रहते हैं जो हमे अंदर तक झकझोर देते है ऐसा ही मामला कल आया जब अचानक एक ऐसे बुजुर्ग को देखा जिसकी आँखे रिपोर्ट एक्सक्लूसिव न्यूज़ को दुखड़ा सुनाते भर आई. आज ऐसे कितने ही लोग होंगे जो समाज व रसूखदारों के सताये हुए है. श्रीगंगानगर जिले में गरीब अनुसूचित जाति के किसानों के साथ जमीन हथियाने वाले गिरोह समाप्त होने का नाम नही ले रहे हैं। जमीन के मालिकाना हक को लेकर हाल निवासी मोखमवाला तहसील रायसिहनगर अपनी जमीन में पाव रखने के लिए तरस रहा हैं।



 मामला इस प्रकार हैं कि अजमेर सिह पुत्र साधु सिह जाति मजहबी सिख पैतृक निवास 49 जीजीए कुरेशिया तहसील करणपुर के पिता साधु सिह को राज्य सरकार द्वारा सन् 1955 को साढ़े चौबीस बीघा आलोट की थी। किसान साधु सिह अनपढ़ थे जिसका फायदा उठाकर आत्मा सिह पुत्र गुरदयाल सिह जाति जटसिख निवासी 49 जीजीए जो पेशे से पटवारी रहा बताया जा रहा हैं ने कुटरचित तरीके से सारी जमीन पर कब्जा कर लिया। जिसकी भनक किसी सुत्र द्वारा अजमेर सिह व अन्य परिवार के सदस्यों को लगी। 

पीड़ित बुजुर्ग
उसी समय सन् 1975 को अजमेर सिह ने जमीन की पड़ताल करनी शुरू कर दी। कागज जुटाने पर पता चला की आत्मा सिह जो स्वर्ण जाति का हैं ने सन् 19-12-1961 को फर्जी रजिस्टरी करवा रखी हैं। जिसका इन्तकाल तक करवा रखा हैं। रजिस्टरी पर ना तो साधु सिह का अंगूठा निशान हैं न ही फोटो व गवाह न ही तहसील पंजीकरण। सरकार द्वारा आलोट जमीन बिक्री की साधु सिह परिवार का वारिसनामा तक न प्रकाशित करवाया गया न ही वारिसों को नोटिस सुचना साधु सिह के परिवार को दिया गया।



पीड़ित द्वारा दी गयी कॉपी
 मिलीभगत से असली मालिक अजमेर सिह वगैरह की अनदेखी की गई। मामला यही नही रूकता अजमेर सिह ने मालिकाना हक को लेकर श्रीकरणपुर कोर्ट में अपील की लेकिन कुछ नही बना। आगे सुनवाई में कोर्ट ने हरिजन जाति की जमीन स्वर्ण जाति में करने से तो मना कर दिया लेकिन तब भी अजमेर सिह के परिवार को मालिकाना हक नही सौंपा गया। आज अजमेर सिह को दर दर भटकते 15 वर्ष हो गये सारी जमा पूंजी खत्म हो गई लेकिन समाधान नही हुआ।राजस्थान सम्पर्क से लेकर गंगानगर लोक सेवक केन्द्र तक गुहार लगाई लेकिन प्रभावशाली आत्मा सिह के सामने सब पस्त हो गये।



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आज भी पानी की पर्ची,गिरदावरी,जमाबंदी व खाता जमीन मालिक साधुसिह पुत्र बुटा सिह मजहबी सिख के नाम चल रही हैं। इस तरह से पुख्ता सबुत कोर्ट व सम्पर्क पर देने के बाबजूद जमीन साधु सिह के परिवार की बजाय स्वर्ण जाति के आत्मा सिह ने कब्जा कर रखा हैं। क्योंकि साधू सिह का परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं। अब साधु सिह का लडका अजमेर सिह भी न्याय मागते मागते बुढ़ा हो गया हैं। सरकार से अनुरोध हैं की इस बुजुर्ग से बात कर इनको अपना हक दिलवाया जावे। पीड़ित बुजुर्ग इंसान ने रिपोर्ट एक्सक्लूसिव को अपना दर्द सुनाते हुए रो पड़े. पीड़ित ने मीडिया से सहयोग की गुजारिश करते हुए सारे मामले को लेकर बताया। पूरी खबर पीड़ित के बताये व् दिये कागजो के आधार पर बनाई गयी है. प्रशासन से लेकर तमाम जिम्मेदारों को असली हकदार को हक़ दिलाने में मदद करने की जरूरत है.


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