हनुमानगढ़। राजस्थान ग्राम सेवक संघ पंजी जयपुर ने 11 सुत्री मांगों को लेकर टाउन पंचायत समिति में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के अनुसार पाचवें एवं छठे वेतनमान की विसंगति परिवेदना, के निराकरण के लिये द्विपक्षीय समझौता 26 मार्च 2008 के सहमति बिन्दु संख्या 4 तथा मननीय मुख्यमंत्री महोदय के कक्ष में समझौता दिनांक 5 जनवरी 1995 के निर्णय संख्या 1 व 2 तथा विभागीय प्रमुख शासन सचिव द्वारा कृष्णा भटनागर अध्यक्ष पे कमीशन को प्रेषित अशाटीप क्रमाक 238 दिनांक 21 जनवरी 2010  की मूल भावना के अनुरूप विभागीय स्तर पर प्रशासनिक निर्णय कर ग्रामसेवक पदेन सचिवों का ग्रेड पे 3600 करने की स्वीकृति प्रदान करने, ग्रामसेवक पदेन सचिवों के रिक्त पदों पर भर्ती करवाने, डीआरडीए की छटनीशुदा नियमित कार्मिकों जो ग्रामसेवक के पद पर समेकित वेतन पर कार्यरत है उन्हे पुर्ननियुक्ति की प्रथम तिथि से समायोजित कर नियमित कर नियतिक वेतन श्रृंखला स्वीकृत करने, विकास अधिकारी के स्वीकृत पदों में 50 प्रतिशत पदों पर वरिष्ठता के आधार पर ग्रामसेवक पदेन सचिवों को तृतीय पदोन्नति के अवसर प्रदान करने, उत्तरप्रदेश की भांति ग्रामसेवक पदेनसचिव का पद नाम बदलकर ग्राम विकास अध्किारी करने, विभागीय मंत्री की अध्यक्षता में राजस्थान पंचायतीराज परिषद का गठन करने, ग्राम पंचायतों के अध्याधीन आबादी भूतियों के निष्पादन नियम 140 से 168 की पुर्नसमीक्षा कर संशोधित नियमों को शीघ्र जारी करने, प्रदेश के समस्त कार्मिकों की पांचवें एवं छठे वेतन आयोग की विसंगतियां दूर कर सातवां वेतन आयोग की सिफारिशों को शीघ्र लागु करने, न्यु पेशन स्कीम 2004 को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना लागू करने व अन्य 11 सुत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर रानु चौधरी, अशोक शर्मा, बृजलाल चौहान, मेनपाल लोटिया, श्रवण मीणा, ओम मीणा, रविन्द्र सिंह, राजेश कुमार, काशीराम बागड़ी, महेश चौहान, प्रेम कुमार, अशोक शर्मा, राजेश मिढ़ा व अन्य ग्राम सेवक मौजूद थे।