भारत की बेंको को 9 हजार करोड का चूना लगाकर विदेश में भाग गए भगोडे विजय माल्या को भारत वापस लाने के लिए भारत सरकार द्वारा ब्रीटन की अदालत में कानूनी कार्यवाही की जा रही है। दूसरी और भगोडे विजय माल्याने एसा कहकर सनसनी मचादी की भारत से निकलने से पेहले उन्होने मोदी सरकार के वीत मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात की थी और बेंको का जो पैसा बाकी है उसके सेटलमेन्ट के बारे में चर्चा की थी। हालाकी वीत मंत्रीने विजय माल्या के इस दावे को नकार दिया है और माल्या के साथ एसी कोई मीटींग आधिकारीक तौर पर नहीं हुए थी एसा भी कहा है। अरुण जेटली देश के वीत मंत्री होने के साथसाथ सुप्रिम कोर्ट के एक जानेमाने वकील भी है। भाजपा के कई नेता उन्से कानूनी सलाह भी लेते है। जेटलीजी ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दस करोड के मानहानि का केस लगाया था। लेकीन उसके बाद केजरी वालने जेटली से माफी मांग ली और यह केस बंद हो गया। विजय माल्या ने जो कहा है वह एक गंभीर आरोप है जो सीधेसीधे अरुण जेटली के उपर लगा है। इसकी राजनैतिक प्रतिक्रिया भी आई है।
भगोडे माल्या की वजह से देश के वीत मंत्री औऱ जानेमाने वकील की साफसुथरी छबी को नुकसान पहोंचा है इसलिए जेटलीजी को भगोडे माल्या की खिलाफ करीब 100 करोड का मानहानि का केस दर्ज कराना चाहिए ताकी कोई भी इस तरह का भगोडा किसी मंत्री के खिलाफ इस तरह का बयान न दे क्योकी देस को वीत मंत्री पर भरोसा है कि उनके साथ विजय माल्या की आधिकारीक तौर पर कोई मीटींग नहीं हुए होंगी दुसरी और भाजपा के ही सांसद सुब्रमणियम् स्वामीने करीब 4 या 5 महिने पेहले ट्वीट कर यह बताया था कि विदेश जाने से पहेले एक व्यक्तिने जेटलीजी के साथ मीटींग की थी लेकिन उन्होने इसका नाम नहीं बताया था अब जाकर यह सार्वजनिक हो रहा है कि स्वामीने किसके बारे में यह ट्वीट कीया था। स्वामी वीत मंत्री के राजनीतिक शत्रु माने जाते है इसलिए हो सकता है कि उन्होने रागद्वेष में आकर ट्वीट कीया होगा।
विजय माल्या भारत की बेंको से 9 हजार करोड का कर्जा लेकर रातोरात विदेश भाग गई । उन्होने कींगफीशर नामक कंपनी बनायी थी। लेकीन बेंको का कर्जा न चूकाते हुए ब्रिटन चले गए वे एनआरआई है और वहा के नागरिक है। भारत सरकार द्वारा उन्हे कानूनी तौर पर भगोडा अपराधी घोषित करते वापीस लाने के लिए ब्रिटन की अदालत में कानूनी पैरवी भी हो रही है जिसमें माल्या की हार होनेवाली है। एसा लगता है कि कानूनी तौर पर हारने से पेहले माल्याने भारत के वीत मंत्री के खिलाफ आरोप लगाकर खुद को बचाने का नाकाम प्रयास कीया है। लेकीन वे कबतक बचेगें।

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