दिल्ली सरकार ने मंगलवार को अपने सरकारी एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों में एक सर्कुलर जारी कर स्कूलों से बच्चों के माता-पिता और अन्य परिवारिक सदस्यों के आधार, वोटर आईडी सहित अन्य निजी जानकारियों का विवरण देने को कहा है। सर्कुलर में कथित डाटा बैंक बनाने का जिक्र किया गया है लेकिन किस उद्देश्य के लिये यह निजी विवरण का उपयोग किया जायेगा इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है।
गौर करने वाली बात है कि दिल्ली सरकार द्वारा जारी सर्कुलर में एक निजी कंपनी को स्कूलों द्वारा जुटाये गये दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के लिये नियुक्त किया गया है जिसका सीधा मतलब है कि बच्चों के परिवारजनों की निजी जानकारी निजी एजेंसी को दी जा रही है। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल सरकार निजी एजेंसी के साथ बच्चों के माता-पिता और अन्य परिवारिक सदस्यों का व्यक्तिगत विवरण साझा करके गोपनीयता के अधिकार का उल्लंघन कर रही है यह दिल्ली के नागरिकों की निजता के अधिकार पर हमला है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बताना चाहिये कि बच्चों के एडमिशन के समय जुटाई गई पर्याप्त जानकारी के बावजूद इतनी निजी जानकारी किस उद्देश्य से वेरिफिकेशन के लिये प्राइवेट एजेंसी को दी जा रही है।

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