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केन्द्रीय आपदा दल सूखा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर

जयपुर। आपदा प्रबन्धन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग मंत्री श्री गुलाब चंद कटारिया की अध्यक्षता में सोमवार को केन्द्रीय आपदा प्रबन्धन दल के सदस्यों के राज्य में सूखा प्रभावित क्षेत्रों में 3 दल बनाकर भ्रमण के सम्बन्ध में शासन सचिवालय के काँफ्रेन्स हॉल में बैठक का आयोजन किया गया।



श्री कटारिया ने केन्द्रीय आपदा प्रबन्धन दल के सदस्यों को प्रदेश में सुखे एवं खराबे से प्रभावित क्षेत्रों की वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि पिछले वर्ष हुए 33 प्रतिशत से अधिक फसल खराबे की मुआवजा राशि का राज्य सरकार ने वितरण कर दिया है।  



श्री कटारिया ने बताया कि प्रदेश के कुल 13 जिलों के 41 तहसील की पिछले वर्ष की फसल खराबे की स्थिति की गिरदावरी रिपोर्ट केन्द्र सरकार को भेजी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भेजी गई सहायता राशि का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने दल से सही वस्तुस्थिति की जानकारी लेकर अतिशीघ्र सहायता उपलब्ध कराने को कहा।



मुख्य सचिव श्री निहाल चन्द्र गोयल ने कहा कि अन्तर मंत्रालयिक केन्द्रीय दल द्वारा राजस्थान के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण करने के लिए तीन दलों का गठन किया गया है, जो बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर आदि जगह जाएंगे।




श्री गोयल ने केन्द्रीय आपदा दल को बताया कि राज्य सरकार फसल खराबे एवं सूखे की स्थिति से प्रभावित प्रदेशवासियों को सहायता पहुंचाने के भरपूर प्रयास कर रही है।  उन्होंने कहा कि हम केन्द्र सरकार से इस विषय में शीघ्र सहायता देने की उम्मीद करते हैं।




आपदा प्रबन्धन एवं सहायता विभाग के सचिव श्री हेमन्त कुमार गेरा ने बैठक में जिलेवार एक जून से 30 सितम्बर, 2017 तक हुई वर्षा की स्थिति, टेंकों में पानी की स्थिति बताई। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में प्रदेश के 29 जिलों में सामान्य वर्ष 535 मिलीमीटर की जगह कुल 413.09 मिलीमीटर रिकार्ड की गई। उन्होंने बताया कि रबी की फसल में अभी से सूखे जैसी स्थिति हो रही है।



श्री गेरा ने बताया कि 13 जिलों के 4151 राजस्व गांव पूरी तरह से सूखे से प्रभावित हैं इसमें फसल खराबा 50 प्रतिशत से अधिक है। साथ ही 16.71 लाख किसानों का फसल खराबा 33 प्रतिशत से अधिक है। इन 13 जिलों में सूखे से 71.02 लाख मानव एवं 74.01 लाख पशु प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि 1274.99 करोड़ रुपये की कृषि इनपुट सब्सिडी एवं 159.28 करोड़ रुपये की राशि की आपातकालीन पीने के पानी का प्रबन्धन करने के लिए आवश्यकता है।




संयुक्त सचिव, केन्द्रीय सूखा प्रबन्धन एवं कृषि मंत्रालय श्री के.एस.श्रीनिवास ने बताया कि गृह मंत्रालय के अधीन एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है जो कि केन्द्रीय बजट-2018 के पेश होने के बाद प्रदेश के पूर्व वर्ष के खराबे की राशि को मंजूरी देगी। उन्होंने कहा कि तीनों टीम प्रदेश की वास्तविक वस्तुस्थिति की सही रिपोर्ट बनाकर अधिकतम रिलिफ प्रदेश को देने का प्रयास करेंगे। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) श्री डी.बी. गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) श्री खेमराज चौधरी, केन्द्रीय आपदा प्रबन्धन दल के अधिकारीगण एवं अन्य विभागों के विभिन्न अधिकारीगण मौजूद थे।


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