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Monday, 28 January 2019

कृषि उन्नति किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी 2019 का शुभारम्भ



किसानों को नवीन तकनीक अपनाने व आय बढाने की दी जानकारी
श्रीगंगानगर। आत्मा परियोजना के अंतर्गत कृषि उन्नति किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी 2019 का शुभारम्भ सोमवार को दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। किसान मेले में जिला प्रमुख श्रीमती प्रियंका श्योरान, पूर्व राज्यमंत्रा एवं विधायक श्री गुरमीत सिंह कुन्नर, गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड तथा जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने दीप प्रज्ज्वलित कर किसान मेले की शुरूआत की। 
कृषि उन्नति किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी 2019 के अवसर पर जिला प्रमुख श्रीमती प्रियंका श्योरान ने कहा कि कृषि प्रधान जिले में यहां के नागरिकों का मुख्य व्यवसाय कृषि है। यहां के नागरिक तभी सुदृढ होगे, जब उनकी खेती बाडी अच्छी होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान को विभिन्न योजनाओं एवं कृषि की नवीन तकनीकी जानकारी हो, इसके लिये ऐसे मेलों की उपयोगिता है। उन्होंने कहा कि किसान को अपने खेत की मिट्टी की जांच अवश्य करवानी चाहिए। मृदा स्वास्थ्य कार्ड के बिना देखा-देखी उर्वरक नही डालने चाहिए। 
पूर्व राज्यमंत्री एवं करणपुर विधायक श्री गुरमीत सिंह कुन्नर ने कहा कि किसान मेलों के आयोजन से किसानों को विभिन्न स्टॉलों के माध्यम से खेती की नवीन तकनीकी जानकारियां मिलती है। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों का कार्य नवीन बीज बनाना, नई खाद इत्यादि तैयार करना है जबकि कृषि विभाग का उतरदायित्व है कि किसानों के बीच जाकर नवीन बीज व नवीन तकनीक की जानकारी किसानों को बताएं। उन्होंने कहा कि कृषि मेलों की उपयोगिता तभी है, जब इनमें अधिक से अधिक किसानों की भागेदारी हो। श्री कुन्नर ने कहा कि मृदा की जांच एक बड़ी पूंजी है। किसान को अपने खेत की मिट्टी की जांच अवश्य करानी चाहिए। जांच के बाद जिन तत्वों की आवश्यकता है, वही उर्वरक उपयोग में लिये जाये। उन्होंने कहा कि मिट्टी के साथ-साथ भूमिगत जल का उपयोग करने से पहले भी जांच जरूरी है। कई बार हम लोग पानी को मुहं में डालकर यह कह देते है कि पानी अच्छा है, लेकिन उस पानी में ऐसे तत्व होते है, जो हमारी भूमि की उर्वरा शक्ति को नष्ट कर देते है। उन्होंने कृषि अधिकारियों, कार्मिकों को निर्देशित किया कि किसानों को जागरूक करने का उतरदायित्व आपका है। विभाग के कार्मिकों को दूर-दराज के गांव-गांव में जाकर किसानों को जानकारी देनी चाहिए। 
गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड ने कहा कि कृषि उन्नति किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी 2019 में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को लाभकारी जानकारियां दी गई है। किसान रीड की हड्डी के समान है। देश के किसान के मजबूत होने से व्यापारी, मजदूर तथा राष्ट्र मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि श्रीगंगानगर जिला कृषि में अग्रणी है तथा इसे अन्न का कटोरा कहा जाता है। उन्होंने किसानों को अनुदान पर दिये गये टै्रक्टर को एक अच्छा कदम बताया। उन्होंने कहा कि किसान का जीवन अच्छी खाद व बीज पर टिका होता है। गत फसलों में कपास का खराब बीज आ जाने से इस क्षेत्रा के किसानों को भारी नुकसान हुआ। खराब बीज न आये, इसके लिये कृषि विभाग को सर्तक रहना होगा। 
विधायक श्री गौड ने कहा कि जिले की समस्याओं को सरकार के समक्ष भी उठाया है। किसानों को नहरों में पूरा पानी मिले, नहरों में गंदा पानी न आये तथा फिरोजपूर फीडर की मरम्मत करने के लिये सरकार स्तर पर बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि मेरा प्रयास रहेगा कि इस क्षेत्रा की समस्याओं का उचित समाधान करवाया जाये। इसके लिये माननीय मुख्यमंत्रा ने भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्रा की जो समस्याएं है, उस पर एक प्लान तैयार होना चाहिए। श्री गौड ने कहा कि अधिकारियों को क्षेत्रा का भ्रमण करना चाहिए। बेसहारा पशुओं की समस्या से निजात पाने के लिये ग्राम स्तर पर नंदीशाला बनाई जाये। प्रारम्भ में तहसील स्तर तक संचालित की जा सकती है, जिससे गायों की दुर्दशा को रोका जा सकता है। बेसहारा पशुओं की रक्षा के लिये किसानों को भी प्रेरित किया जाये। उन्होंने लठ्ठावाली गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां के नागरिकां ने सभी बेसहारा पशुओं को पास की मांझूवास गौशाला में छोड़कर वहां चारा व तुड़ी भिजवाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी किस प्रकार से बढायी जाये, इस पर चिंतन की आवश्यकता है। किसान को सौर उर्जा, कृषि की नई तकनीक, नवीनतम बीज तथा खेती के साथ-साथ कृषि की सहगतिविधियां प्रारम्भ करने के बारे में जानकारी दी जाये। 
जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि दो दिवसीय मेले में किसानों को कृषि यांत्रिकी, बीज, कृषि प्रसंस्करण के साथ-साथ किसान की आय बढाने संबंधी जानकारियां दी जायेगी। उन्होंने कहा कि यहां का किसान मेहनती है। अच्छा उत्पादन लेता है, लेकिन प्रोसेसिंग व विपणन की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नाबार्ड द्वारा प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिये अनुदान दिया जा रहा है। प्रोसेसिंग यूनिट से किसान अपनी फसल को अच्छी दर पर बेच सकता है। उन्होंने कहा कि आटामील, पशुओं से दुग्ध उत्पादन के प्रयास किये जा सकते है। पशुओं में उन्नत नस्ल को बढावा देकर दूध व दूध के उत्पाद बनाकर अपनी आय को बढाया जा सकता है। श्री नकाते ने कहा कि यहां के किन्नू फल की देश में पहचान है। किन्नू की ग्रेडिग व पैकिंग करने के बाद अच्छा मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि किसान अपने गोदाम भी तैयार कर सकता है। इसके लिये नाबार्ड द्वारा एक करोड़ रूपये की राशि पर लगभग 33 लाख रूपये की राशि का अनुदान का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि गाजर मंडी के कई किसानों ने मिलकर दूसरे शहरों में गाजर बेचने के प्रयास के अच्छे परिणाम देखने को मिले है। सहकारिता के आधार पर कृषि यंत्रों को किराये पर देने की शुरूआत की जाये। इस पर भी सरकार द्वारा अनुदान देय है। जिला कलक्टर ने कहा कि गन्ने की खेती में नवीन तकनीक अपनाई जाये। गन्ने की कटाई के लिये भी मशीन का उपयोग होने लगा है। किसान को कम जमीन में कम लागत से ज्यादा उत्पादन मिलें, इसके लिये नवीन तकनीक अपनानी होगी। 
कृषि उन्नति किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी 2019 में कृषि वैज्ञानिक एम.के कौल ने किन्नू की उन्नत उत्पादन तकनीक, सीफेट अबोहर के डॉ. पंकज कनोजिया ने किन्नू में फल तुड़ाई एवं प्रबंधन, कृषि अनुसंधान केन्द्र गंगानगर के जोनल डायरेक्टर प्रोफेसर उम्मेद सिंह शेखावत ने सरसों फसल में अनुसंधान कार्य, निदेशक अनुसंधान डॉ. एस.एल. गोदारा ने रबि फसलों में रोग प्रबंधन एवं नियंत्राण, डॉ. पुरूषोतम अरोड़ा ने किन्नू मय कीट प्रबंधन, डॉ. जगदीश अरोड़ा ने किन्नू मय रोग प्रबंधन, प्रोफेसर विजय प्रकाश आर्य ने चना फसल पर अनुसंधान की जानकारी दी। आत्मा के उपनिदेशक श्री जी.आर मटोरिया ने बताया कि मेले में लगभग 125 स्टॉल लगाई गई है। कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ.सतीश शर्मा तथा संयुक्त निदेशक ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत सहायक निदेशक श्री मदन जोशी ने किया। 
किन्नू प्रतियोगिता का आयोजन
कृषि उन्नति किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी 2019 में उधान विभाग द्वारा किन्नू प्रतियोगिता  का आयोजन किया गया। पूर्व राज्यमंत्रा एवं विधायक श्री गुरमीत सिंह कुन्नर, गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड, जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने फल प्रदर्शनी का फीता काटकर शुरूआत की तथा फल प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सहायक निदेशक उधान श्री के राव कालीराना, कृषि अधिकारी श्रीमती प्रीती गर्ग ने फल प्रदर्शनी का आयोजन करवाया। प्रदर्शनी में प्रथम पुरस्कार 41एफ ए के श्री लखवीर सिंह को, दूसरा पुरस्कार 500 एलएनपी के श्री प्रेमचंद को तथा तीसरा पुरस्कार 9 एनआरडी के किसान दलीपराम को दिया गया। 
आज के आकर्षक
कृषि उन्नति किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी 2019 में 29 जनवरी को सब्जी प्रतियोगिता, उन्नत नस्ल के पशुओं, दुग्ध प्रतियोगिता होगी। वही पर कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किन्नू उत्पादन के लिये हाईटेक नर्सरी, नाबार्ड की योजनाएं, लीड बैंक की योजनाएं, जैविक खेती, सहकारिता की प्रासंगिकता, खरीफ फसलों की शस्य क्रियाएं, फसलों में रोग प्रबंधन, मछली उत्पादन, सब्जियों की उन्नत तकनीक, पशु स्वास्थ्य की जानकारी दी जायेगी। 
उधान विभाग द्वारा अनुदान पर दिये सात टै्रक्टर

कृषि उन्नति किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी 2019 में उधान विभाग द्वारा सात किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान राशि पर टै्रक्टर दिये गये। कृषि अधिकारी श्रीमती प्रीती गर्ग ने बताया कि 6 टै्रक्टर विश्व बैंक की परियोजना से तथा एक टै्रक्टर नेशनल हॉर्टिकल्चर मिशन के तहत किसानों को दिये गये। जिला प्रमुख श्रीमती प्रियंका श्योरान, पूर्व राज्यमंत्रा एवं विधायक श्री गुरमीत सिंह कुन्नर, गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गौड तथा जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कार्यक्रम के दौरान अनुदान पर दिये गये ट्रैक्टर की चाबियां भेंट की। 

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