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Tuesday, 22 January 2019

हैड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग


शिवपुर हैड पर भी बने महाराजा गंगा सिंह चौक 
- हैड को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग 
श्रीगंगानगर। इलाके के लोगों ने जीवनदायनी गंगनहर को जिले में लाकर शिवपुर हैड का लोकार्पण करने वाले महाराजा गंगासिंह की प्रतिमा हैड पर लगाने और चौक निमार्ण की मांग की है। पूर्व सभापति जगदीश जांदू, वैदिक गुरुकुल फतूही के संस्थापक स्वामी सुखानंद के नेतृत्व में शहर व शिवपुर हैड क्षेत्र और फतूही ग्राम पंचायत के युवाओं ने इस संबंध में जिला कलटर को ज्ञापन भी सौंपा है। 

ज्ञापन में बताया गया है कि 1899-1900 में बीकानरे रियासत में अकाल पड़ गया। तब महाराजा गंगा सिंह ने गंगनहर के लिए ब्रिटिश साम्राज्य से अपील करते हुए पंजाब के चीफ इंजीनियर आर.जी. कनेडी ने 1906 में सतलुज वैली प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार की। महाराजा द्वारा 5 दिसंबर 1925 को हुसैनीवाला में गंगनहर का नींव पत्थर पंजाब के गवर्नर सर मैलकम हैले, चीफ जस्टिस ऑफ पंजाब सर सादी लाल, सतलुज वैली प्रोजेक्ट के चीफ इंजीनियर ई.आर. फाए की मौजूदगी में रखा गया। इस केनाल का नाम महाराजा गंगा सिंह के नाम पर गंग केनाल रखा गया। हुसैनीवाला से शिवपुर हैड तक इसकी लंबाई 129 किलोमीटर है। उस समय यह नहर दुनियां की सबसे लंबी नहर थी। महाराजा ने पंजाब क्षेत्र में नहर और रेस्ट हाउस बनाने के लिए सारी भूमि पंजाब सरकार से खरीद की थी। 26 अक्तूबर 1927 को शिवपुर हैड से केनाल का पानी छोडक़र महाराजा द्वारा इसका उद्घाटन किया गया। इस मौके पर वायस राय ऑफ इंडिया लार्ड इरविन के अलावा कई राज्यों के राजा-महाराजा और नवाब भी मौजूद थे। इसलिए ये स्मृतियां भावी पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक बननी चाहिए। स्वामी सुखानंद ने बताया कि जिले के प्रत्येक स्थापना दिवस पर जिला प्रशासन की ओर से शिवपुर हैड पर हवन यज्ञ और सर्वधर्म प्रार्थना का आयोजन किया जाता है।

 जीवनदायिनी गंगनहर का इस जिले में प्रवेश होने से इस क्षेत्र का राज्य में ही नही बल्कि पूरे भारत में नाम है। यह स्थान देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते हैं। इसलिए इस स्थान पर महाराजा गंगासिंह की प्रतिमा के साथ चौक बनना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में राजस्थानी भाषा साहित्य मंच के प्रदेशाध्यक्ष अनिल जान्दू, प्रकाश राहड़, सुमित सिहाग, सुशील भादू, रामकुमार रोझ, अशोक झाझड़ा, अश्वनी झाझड़ा, विनोद राव, किरपा राम कालेरा, विजय बैनीवाल, शिवेंद्र झाझड़ा, मांगी लाल रोझ, विजय जांदू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।



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