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Wednesday, 13 November 2019

पारम्परागत खेती को बढावा देने के लिए हो प्रयास: जिला कलक्टर श्रीगंगानगर

जिले में खाद बीज की उपलब्धता पर्याप्त हो

श्रीगंगानगर। जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि रबी फसल की आवश्यकता के अनुरूप जिले में खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होने कहा कि किसानों को परम्परागत खेती करने के लिए उन्हे प्रोत्साहित करने के लिए अग्रणी संसाधन सहायक रखे जाएंगे, जिन्हे प्रतिमाह 6000 रूपये दिए जाएंगे। 
जिला कलक्टर श्री नकाते बुधवार को कलैक्ट्रेट सभाहाॅल में जिला स्तरीय कृषि समिति की बैठक में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होने कहा कि पम्परागत कृषि योजना के तहत एलआरपी रखे जाएंगे। कृषि अधिकारी इस बात कर ध्यान रखे कि उन एलआरपी का पूरा उपयोग हो तथा वे किसानेां को पम्परागत खेती के बारे में प्रोत्साहित करे। जिला कलक्टर ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा कृषि क्षेत्र में जो गतिविधियां की जाती है या प्रदर्शन इत्यादि को जीपीएस प्रणाली के साथ फोटो व विडियो तैयार किए जाए। 
उन्होने कहा कि जिले में अच्छी कृषि करने वाले अग्रणी किसानों, पम्परागत खेती वाले किसानों, पशुपालको, फल उत्पादको तथा विपणन के क्षेत्र में जो किसान अच्छा कार्य कर रहे है, उनके छोटे-छोटे विडियों तैयार किये जाए, जिसमें उनके अनुभव तथा लाभ की जानकारी अन्य किसानों को मिल सके। बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा, पीएम फसल बीमा योजना, कृषि यंत्रों पर अनुदान एवं मृद्धा स्वास्थ्य कार्ड की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया कि वर्ष 2019-20 में ग्वार के 5 हजार, मूग के 2 हजार तथा चना बीज के 21 सौ मिनीकिट वितरित किये गये। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में किसानों को डिग्गी निर्माण के लिए 3 लाख रूपये तक का अनुदान का प्रावधान है। 
जिला कलक्टर ने कहाकि किसानों को खाद बीज व पेस्टीसाइड अच्छी गुणवत्ता की मिले इसके लिए नमूने लिए जाए। गत वर्ष खाद के 8 तथा किटनाशी दवा के 4 नमूने अमानक पाए गए। जिला कलक्टर ने कहा कि गत वर्षो में जिन फर्मो के उत्पाद अमनाक पाए गए है उनके विरूद्ध कार्यवही की जाए। बैठक में खरीफ फसल , रबी फसल की बुआई क्षेत्रफल की समीक्षा हुई। उन्होने कहा कि विभाग इस बात का आंकलन करे कि किस फर्म का बीज ज्यादा अच्छा है तथा उसका उगाव प्रतिशत सर्वाधिक है। 
बैठक में संयुक्त निदेशक कृषि श्री आनन्द स्वरूप छिंपा, उपनिदेशक कृषि श्री जी.आर. मटोरिया, कृषि अनुसंधान अधिकारी डाॅ0 मिलिन्द सिंह, सहायक निदेशक उद्यान प्रीति गर्ग, नाबार्ड के श्री चन्देश शर्मा, सहायक निदेशक कृषि श्री पृथ्वीराज सहित विभाग के अधिकारी तथा अग्रणी किसान व समिति के सदस्य उपस्थित थे। 

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