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Tuesday, 7 July 2020

मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने रिटायर्ड सैनिकों/अधिकारियों से वीसी द्वारा किया संवाद


मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने रिटायर्ड सैनिकों/अधिकारियों से वीसी द्वारा किया संवाद
श्रीगंगानगर, । राजस्थान वीरों की भूमि है तथा यहां 2 लाख पूर्व सैनिक समाज सेवा में योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कोविड-19 के दौर में समाज में जागरूकता के लिए मंगलवार को जयपुर में वीसी के माध्यम से पूरे प्रदेश में रिटायर्ड सैनिकों व अधिकारियों के साथ संवाद स्थापित किया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्री रघु शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत सैनिकों के लिए पूर्णतया संवेदनशील हैं तथा उन्होंने कोरोना जागरूकता से पूर्व सैनिकों को जोड़ने की जो पहल की है, अपने आप में अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री गहलोत की सोच समय से आगे है तथा आज राजस्थान राज्य पूरे देश में सबसे अधिक टेस्टिंग करने वाला प्रदेश है। उन्होंने कहा कि संक्रमित लोगों को चिह्नित कर तुरंत टेस्टिंग की जाती है तथा राजस्थान में  2 साल के विधायक कोष से हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की पहल की जायेगी। उन्होंने कहा कि वेंटिलेटर, आॅक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था, क्वेरेंटीन किए गए लोगों के लिए आधुनिक बेड और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर अधिक मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में जिस प्रकार जन जागरूकता अभियान चलाया गया है, उसका गांव-गांव, ढाणी-ढाणी और मोहल्ले तक असर देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि रिकवरी का परसेंटेज भी राजस्थान में सबसे अच्छा है और मुख्यमंत्री जी का सपना है कि एक भी व्यक्ति की मृत्यु राजस्थान में कोरोना संक्रमण से ना हो।
सैनिक कल्याण मंत्री श्री आर.के. शर्मा ने कहा कि कोरोना काल में मुख्यमंत्री प्रतिदिन जनता के समक्ष उपस्थित रहे हैं तथा साढ़े तीन महीनों में रोज अधिकारियों के साथ माॅनिटरिंग कर जनता की सुरक्षा व बचाव के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान पहला स्टेट है, जहां सड़क पर किसी भी मजदूर की मृत्यु भूख से नहीं हुई। इन सभी मजदूरों को खाना-पानी से लेकर चप्पल तक उपलब्ध कराई गई है ताकि वे पैदल चलें तो उनके पांव न जलें।
  राजस्थान पहला राज्य बना जिसने श्रमिक बसें चलाकर मजदूरों को उनके गंतव्य स्थानों तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि अस्थि कलश लेकर हरिद्वार जाने के लिए रोडवेज की बसों द्वारा लोगों को भेजा गया।  आज मुख्यमंत्री सैनिकों के लिए भी पूरी तरह सहायता के लिए हर संभव प्रयत्न कर रहे हैं।
उन्होंने मृत सैनिकों को 50 लाख की सहायता राशि देने से लेकर,  उनके माता-पिता के खातों में तीन लाख की राशि पहुंचाने, उनके बच्चों के लिए शिक्षा फ्री करने, माता-पिता के लिए फ्री रोडवेज बस सर्विस, सैनिकों की विधवाओं को सेकंड वर्ल्ड वाॅर के बाद से 4000 रूपये सहायता राशि मिलती थी, उसे बढ़ाकर 10000 रूपये किया। उन्होंने पदक विजेताओं के लिए फ्री बस की व्यवस्था रोडवेज के माध्यम से की है। उन्होंने कहा कि राजस्थान वीरों की भूमि है तथा सैनिक कल्याण विभाग कोरोना से लड़ने के लिए कृत संकल्प है।
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने संवाद करने से पूर्व ब्रिगेडियर खड़ग सिंह को अपनी बात रखने का मौका दिया। उन्होंने मेजर शैतान सिंह की शहादत को याद किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में देश प्रेम की भावना घर-घर में विद्यमान है। उन्होंने कहा कि यद्यपि कोरोना को जाने में अधिक समय भी लग सकता है, वैक्सीन आने के बाद ही यह पता चलेगा और तब तक जनता का जागरूक रहना अति आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने ‘‘कोई भी भूखा न सोए‘‘, ‘‘राजस्थान सतर्क है‘‘  के नारे के बाद ‘‘खुद का बचाव खुद करें‘‘ का नारा  दिया। उन्होंने कहा कि मृत्यु दर जीरो रहे तथा जनता घबराए नहीं परंतु लापरवाही न बरती जाए, यह ध्यान रखना अति आवश्यक है।
श्री गहलोत ने कहा कि कोरोना के साथ सतर्कता से रहना सीखना होगा। उन्होंने कहा कि शादी समारोह आदि में जितना संभव हो मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग का प्रयोग करें और आवश्यकता पड़ने पर कम लोग ही सम्मिलित हों।
उन्होंने कहा कि टेस्टिंग यदि बढ़ाते हैं, तो मरीजों की संख्या बढ़ेगी, इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि हम पहली बार रिटायर्ड अधिकारियों और सैनिकों से बात कर रहे हैं तथा उन्हें कोरोना जागरूकता अभियान से जोड़कर जनता के बचाव के प्रयास किए जायेंगे। 
उन्होंने अजमेर, अलवर, बीकानेर, जयपुर, नागौर, पाली, राजसमंद तथा सीकर के भूतपूर्व सैनिकों व अधिकारियों से बात की एवं उनके कोरोना का प्रसार रोकने संबंधी किए गए कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान को जनता स्वयं बढ़ाए और सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर चले। उन्होंने कहा कि रिटायर्ड अधिकारी व सैनिक जो सबसे अधिक अनुशासनप्रिय माने जाते हैं, वे जनता के लिए समर्पित भाव से काम कर रहे हैं।
युवा मामले एवं खेल मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), कौशल, रोजगार एवं परिवहन राज्य मंत्री श्री अशोक चांदना ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि रिटायर्ड आॅफिसर/ सैनिकों के लिए मुख्यमंत्री ने बेहद सराहनीय कार्य किया है तथा पिछले साढे तीन महीनों में युवा लोगों की तरह मुख्यमंत्री ने बिना थके- बिना रुके यह कार्य जनता की सेवा के लिए किया है, जो अति प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि राजस्थान का सबसे अधिक रिकवरी रेट है तथा इसमें पुलिस, स्वास्थ्य व सफाई कर्मियों का योगदान सबसे अधिक रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की स्थापना होने के बाद व उससे पूर्व भी राजस्थान वीरों की धरती रहा है तथा यहां के लोगों का देश प्रेम अभूतपूर्व है। उन्होंने कहा कि रिटायर्ड सैनिक बहुत अधिक कमिटेड व डिसिप्लिन्ड होते हैं जो कि समाज सुधार के लिए बेहद जरूरी है और उनसे सभी को सीखना चाहिए। वीसी में चीफ सेक्रेटरी राजीव स्वरूप, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कमिश्नर महेंद्र सोनी सहित सभी अधिकारी उपस्थित रहे। 

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