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आईजीएनपी में प्रस्तावित बंदी को लेकर सीएस ने ली वीसी पर्याप्त पेयजल भण्डारण एवं पेयजल आपूर्ति बनाये रखने के निर्देश

 आईजीएनपी में प्रस्तावित बंदी को लेकर सीएस ने ली वीसी

पर्याप्त पेयजल भण्डारण एवं पेयजल आपूर्ति बनाये रखने के निर्देश
श्रीगंगानगर,। राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य ने मंगलवार को आईजीएनपी क्षेत्र के जिला कलक्टर्स से प्रस्तावित नहरबंदी को लेकर पर्याप्त पेयजल के भण्डारण तथा पेयजल की नियमित आपूर्ति को लेकर आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आने वाला समय गर्मी का है, ऐसे में पेयजल की कहीं भी समस्या नहीं आनी चाहिए। समय रहते सभी प्रकार की तैयारियां सुनिश्चित कर ली जाये।
वीसी में बताया गया कि आईजीएनपी फीडर में वर्ष 2021 में रिलाईनिंग का कार्य किया जाना है। नहरबंदी से पूर्व पेयजल के लिये 21 मार्च तक 2000 क्यूसेक तथा 22 मार्च से 29 मार्च तक आवश्यक जल भण्डारण के लिये 4000 क्यूसेक जल प्रवाह रहेगा तथा नहरबंदी 60 दिवस की रहेगी। 30 मार्च से 28 अप्रैल तक 30 दिन की प्रस्तावित आंशिक बंदी में 2000 क्यूसेक तथा 29 अप्रैल से 28 मई तक 30 दिन की पूर्ण नहरबंदी रहेगी। इस दौरान ग्रामवार सूक्ष्म कार्य योजना बनाकर पेयजल आपूर्ति के निर्देश दिये गये।
नहरबंदी के दौरान पेयजल के स्टोर तथा नहरों में जहां पोण्ड बनाये जायेंगे, वहां पर पुलिस की कड़ी निगरानी रखनी होगी। पानी की चोरी न हो तथा पेयजल का पानी सिंचाई के काम में न लिया जाये, इस बात का ध्यान रखना होगा। सार्वजनिक पेयजल भण्डार तथा सार्वजनिक क्षेत्र में बनी डिग्गियों में पर्याप्त भण्डारण किया जाये तथा राजकीय ट्यूबवेल तथा निजी ट्यूबवेल की भी जरूरत पड़ने पर उपयोग में लिया जा सकता है।
मुख्य सचिव श्री आर्य ने कहा कि पानी सीमित है तथा आवश्यकताएं ज्यादा है। इस चुनौती से निपटना है। उन्होंने कहा कि 60 दिन की लम्बी अवधि की नहरबंदी है। इसमें अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। उल्लेखनीय है कि आईजीएनपी नहर में प्रस्तावित बंदी को लेकर जिला कलक्टर श्री महावीर प्रसाद वर्मा ने गत दिनों सूरतगढ़, विजयनगर, अनूपगढ, घड़साना तथा 365 हैड तक दौरा कर पेयजल परियोजनाओं के भण्डारण की व्यवस्थाओं को देखा तथा पेयजल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये थे कि जहां-जहां पेयजल परियोजनाएं है, उनमें 100 प्रतिशत तक भण्डारण कर लिया जाये।
जिला कलक्टर ने जिले के सभी जल स्त्रोतों में पेयजल के पर्याप्त भण्डारण के निर्देश दिये
जिला कलक्टर श्री महावीर प्रसाद वर्मा ने जनता जल योजना के अलावा अन्य सार्वजनिक डिग्गियों में पानी का भण्डारण करने के लिये विकास अधिकारियों तथा ग्राम स्तर पर कार्यरत कार्मिकों को भी निर्देशित किया था कि आपसी समन्वय बनाकर पर्याप्त भण्डारण करे तथा नहरबंदी के दौरान पेयजल विभाग के निर्देशानुसार पेयजल सप्लाई सुनिश्चित की जाये। उन्होंने कहा है कि कहीं दूर-दराज के ऐसे गांव जहां पानी की समस्या आने पर टैंकर से भी पानी भिजवाने की व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होगी। जिला कलक्टर ने पेयजल विभाग के अधिकारियों को समय रहते राजकीय ट्यूबवेल तथा हैण्ड पम्प को चालू हालत में रखने के निर्देश दिये है।
इंदिरा गांधी नहर से पश्चिमी राजस्थान की 16.17 लाख हैक्टर सिंचाई भूमि व 10 जिलो के 7500 गांवों, 49 शहरों की लगभग 1.7 करोड़ आबादी की पेयजल आपूर्ति आईजीएनपी नहर के तंत्र पर निर्भर है। 1960 के दशक में निर्मित यह सरंचना निरन्तर प्रवाह के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। जल रिसाव में वृद्धि व मूल प्रवाह क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। 23 जनवरी 2019 को भारत सरकार, राजस्थान व पंजाब के मध्य सरहिन्द एवं इंदिरा गांधी फीडर (पंजाब भाग) की रिलाईनिंग के लिये त्रिपक्षीय समझौता हुआ है। इन कार्यों पर राजस्थान को 60 प्रतिशत केन्द्रीय सहायता निर्धारित है। राजस्थान के मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब सरकार के मुख्यमंत्री से हुई वार्ता के फलस्वरूप पंजाब सरकार द्वारा सरहिन्द फीडर में रिलाईनिंग का कार्य प्रारम्भ किये जा चुके है तथा इस वर्ष इंदिरा गांधी नहर फीडर में भी कार्य प्रारम्भ किये जा रहे है।
वीसी में पुलिस अधीक्षक श्री राजन दुष्यंत, अतिरिक्त जिला कलक्टर प्रशासन श्री भवानी सिंह पंवार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अशोक मीणा, एसीईओ श्री मुकेश बारेठ, पेयजल विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री बलराम शर्मा, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री प्रदीप रूस्तगी, समाज कल्याण के सहायक निदेशक श्री विक्रम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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