श्रीगंगानगर:-आकाशवाणी परिसर में हुआ विचार गोष्ठी का आयोजन


रिपोर्ट एक्सक्लूसिव,सूरतगढ़। 22 फरवरी 1981 को रेडियो प्रेमी श्रोताओं को एक नई सौगात मिली क्योंकि इस दिन आकाशवाणी सूरतगढ़ का शुभारम्भ हुआ। आकस्मिक उद्घोषक नरेश वर्मा ने बताया कि 38वें स्थापना दिवस के अवसर आकाशवाणी परिसर में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।सरस्वती वन्दन् और शुभकामनाओं सहित गोष्ठी के सूत्रधार वरिष्ठ उद्घोषक राजेश चड्ढा ने गोष्ठी का शुभारम्भ किया।

सर्वप्रथम वरिष्ठ लेखापाल शंकरलाल वर्मा ने विचार रखे।उन्होंने कहा कि 1981 में इसी केन्द्र से सेवा आरम्भ की और खुशी है कि इस केन्द्र के श्रोताओं की संख्या बहुत बड़ी है। वरिष्ठ लिपिक सीताराम शर्मा ने कहा यहाँ पर काम करने का सौभाग्य शुरु से ही मिला।यहाँ के कार्यक्रम और आपसी मेलजोल ही यहाँ की विशेषता है।

वरिष्ठ लिपिक श्याम सुंदर अग्रवाल ने बताया कि मैं एक श्रोता के रूप में आकाशवाणी सूरतगढ़ से जुड़ा और युववाणी कॉम्पीयर के रूप में भी काम किया।इस केन्द्र पर सेवा देना हमारा सौभाग्य है। ग्रामीण क्षेत्रों में मनसा भाई के नाम से जाने जाने वाले वरिष्ठ चौपाल कॉम्पीयर बीरूराम चाँवरिया ने बताया कि जब 1980 में इस केन्द्र से टेस्टिंग के लिए गाने बजते थे तो हम अपने गाँव बहलोलनगर में सुनते थे और सोचते थे कि यह कौन सा केंद्र है और जब 22 फरवरी 1981 को उद्घोषणा हुई कि यह आकाशवाणी का सूरतगढ़ केंद्र है तो बहुत अच्छा लगा और फिर 1989 से चौपाल कॉम्पीयर के रूप में यहां ज्वॉइन किया और खेती-बाड़ी के बहुत अच्छे कार्यक्रम श्रोताओं तक पहुँचाए।

सुखराम भाई के नाम से प्रसिद्ध आकाशवाणी के कार्यक्रम अधिकारी रमेश शर्मा"बाहिया" ने बताया कि ग्रामीण कार्यक्रम चौपाल से शुरुआत के बाद आकाशवाणी रोहतक में पोस्टिंग हुई मगर यहाँ की महक वापस खींच लाई।यहां पर सब मिलजुलकर काम करते हैं। रिटायर्ड सहायक केंद्र निदेशक डी सी शर्मा अपने अविस्मरणीय पलों को याद करते हुए कहा कि यहाँ के कार्यक्रमों ने राष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाई है।"हेलो मनभावन" और "मिट्टी दी खुशबू" कार्यक्रम सरहद पार विदेशों में भी सुने जाते हैं।उन्होंने प्रस्तुतकर्ता राजेश चड्ढा को बधाई दी।

सहायक अभियन्ता एस आर सुथार ने कहा कि मैं इसी क्षेत्र का निवासी हूँ और पहले विद्युत विभाग में था मगर रेडियो का शौक मुझे आकाशवाणी में खींच लाया क्योंकि यहाँ के कार्यक्रम बहुत दिलचस्प हैं।

केन्द्र के वर्तमान कार्यक्रम प्रमुख श्रवण मीणा ने कहा कि मैंने सबसे पहले सूरतगढ़ केन्द्र से ही अपनी सेवा की शुरु की और आज मैं यहां पर कार्यक्रम प्रमुख हूँ।यह दिन खास है क्योंकि जिस दिन आकाशवाणी सूरतगढ़ की स्थापना हुई और जो आज का दिन है दोनों तारीखों का मूलांक एक ही है।उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न केंद्रों पर काम किया मगर आकाशवाणी सूरतगढ़ से प्रसारित कार्यक्रम मेहनतकश लोग,अक्षय छाया,चौपाल,महिला जगत,घर-आँगन,गोरबन्द,युववाणी,बाल वाटिका,  मरूमंगल,मिट्टी दी खुशबू हेलो मनभावन की पूरे देश भर के श्रोताओं में अलग पहचान है।श्री मीणा ने कहा कि वरिष्ठ उद्घोषक राजेश चड्ढा और समस्त आकस्मिक उद्घोषक कॉम्पीयर समर्पित भाव से बहुत अच्छे कार्यक्रमों का प्रसारण करते हैं यहाँ के कार्यक्रमों को अन्य केंद्रों के रेडियोकर्मी भी बड़े चाव से सुनते हैं और विदेशों से आने वाले खत परिचायक हैं कि हमारे कार्यक्रम सरहद पार भी बड़े प्यार से सुने जाते हैं।

विचार गोष्ठी का संचालन करते हुए वरिष्ठ उद्घोषक राजेश चड्ढा ने कहा कि पुराने समय में हमने न्यूनतम साधनों में भी बेहतर कार्यक्रमों का प्रसारण करके पूरे देश में अलग पहचान बनाई और आज भी प्रतिबद्ध हैं कि भविष्य में भी बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लिए अच्छे कार्यक्रम निष्ठा के साथ करते रहेंगे। विचार गोष्ठी के आखिर में केन्द्र के उपमहानिदेशक डी एन यादव ने कहा कि हम तकनीकी रूप से उत्तरोत्तर विकास की ओर हैं।शुरुआत में यहाँ पर 10 किलोवाट का ट्रांसमीटर था फिर 20 का हुआ और अब 300 किलोवाट का है।अब हम उच्च गुणवत्ता का प्रसारण दूर दराज तक पूरे उत्तर भारत में,दक्षिण में महाराष्ट्र तक,पाकिस्तान और अफगानिस्तान तक पहुंचा रहे हैं।कार्यक्रम विभाग,इंजीनियरिंग विभाग और प्रशासनिक विभाग का मिलाजुला प्रयास सराहनीय है।

इस अवसर पर रिटायर्ड कार्यक्रम प्रमुख भागीरथ रेवाड़,कैशियर संजय चुघ,इंजी.शिवेन्द्र गुप्ता,स्टूडियोकर्मी जगदीश सोलंकी,तकनीशियन शिवलाल,लिपिक ख्याली राम,माली विश्वनाथ,दफ्तरी सुखदेव सिंह,सुनील मूँढ और रतनलाल आदि मौजूद थे। कार्यक्रम प्रमुख श्रवण मीणा और उपमहानिदेशक श्री यादव ने शुभकामनाओं सहित सब का आभार व्यक्त किया।गोष्ठी का संचालन वरिष्ठ उद्घोषक राजेश चड्ढा ने किया।

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