ग्राम पंचायत गंगुवाला का मामला
रिपोर्ट एक्सक्लूसिव,गजसिंहपुर। ग्राम पंचायत गगुंवाला पंचायत समिति रायसिहनगर के सरपंच विनोद कुमार व सचिव महीपाल सिह पर ग्राम पंचायत में 56 आर बी से 54 आरबी तक पेयजल हेतु पाईप लाईन के लिए एमएलए लैंड से दस लाख रूपये मंजूर हुए थे। जिस पर ग्राम पंचायत द्वारा काम पूरा कर दिया गया था ।
परन्तु ज़िला परिषद द्वारा टेस्टिगं रिपोर्ट में पाईप लाईन को निम्न स्तर कि बताते हुए पाईप लाईन उखाड़ने व दस लाख रूपये जमा करवाने के लिए सरपंच को नोटिस दिया गया था। विकास अधिकारी पंचायत समिति रायसिहनगर द्वारा पुलिस थाना मुकलावा में दिनाकं चौदह दिसम्बर को एफआईआर करवाते हुए आरोप लगाया की सरपंच व सचिव द्वारा मिलीभगत कर घटिया स्तर की पाईप लाईन डालकर व अकुशल श्रमिक को 1182 रूपये कार्य से ज़्यादा भुगतान किया गया। वहीं मस्टरोल में हाजरी सात दिन की दर्ज है और भुगतान तेरह दिन का कर नौ लाख वानवे हजार चार सौ अठ्ठासी रूपये का ग़बन करने का आरोप लगाया गया।
जिसके विरूद्ध अधिवक्ता सीताराम गोदारा द्वारा माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय में ज़मानत प्रार्थना पत्र पेश कर दलील दी की ज़िला परिषद व पंचायत समिति के तकनीकि अधिकारियों द्वारा ख़ुद को बचाने के लिए झुठी एफ आई आर दर्ज करवाई गई है। ग्रामीण कार्य निर्देशिका के अनुसार तकनीकी कार्य या भूमिगत पाईप लाईन के कार्य की समस्त ज़िम्मेदारी तकनीकी अधिकारियों की होती है। ग्राम पंचायत द्वारा उनके दिशा निर्देशों के अनुसार पाईप व अन्य सामग्री ख़रीदी गई।
जिसके समस्त बिल व मस्टरोल जाचं अधिकारी के सामने पेश कर दिए। राजस्थान उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीश मनोज कुमार गर्ग ने अधिवक्ता गोदारा की दलीलों को स्वीकार कर सरपंच विनोद कुमार व सचिव महिपालसिह की अग्रिम ज़मानत स्वीकार के आदेश दिए।

0 टिप्पणियाँ
इस खबर को लेकर अपनी क्या प्रतिक्रिया हैं खुल कर लिखे ताकि पाठको को कुछ संदेश जाए । कृपया अपने शब्दों की गरिमा भी बनाये रखे ।
कमेंट करे