आरबीआई ने कहा की एचआरए और तेल कीमतों की चूक से बढ़ सकती है महंगाई


बिजनेस। आरबीआई की ओर से जारी बैठक के विवरण के मुताबिक आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल का मानना था कि आ‎र्थिक सुधार भी आरंभिक चरण में है, इसलिए इस स्तर पर सावधानी के नजरिए की जरूरत है। मैं रेपो रेट यथावत रखने के पक्ष में हूं। केन्द्रीय बैंक ने मौजूदा वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में महंगाई दर 5.1 और आगामी वित्त वर्ष 2018-19 की पहली छमाही में 5.1 से 5.6 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान जारी किया है।

भारतीय ‎रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में कहा गया कि तेल कीमतों, मकान किराया भत्ते (एचआरए) और बजट में राजकोषीय चूक के कारण महंगाई बढऩे का संकट बना हुआ है। इस महीने आरबीआई ने अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को यथावत रखा। आरबीआई ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ौतरी व विविध घरेलू कारकों के चलते रेपो रेट को 6 प्रतिशत पर स्थिर रखा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ