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Friday, 23 March 2018

क्रमोन्नत विद्यालय में राजस्थानी विषय खोलने की मांग रखी


हर स्कूल में खुलवाया जाए राजस्थानी विषय:-हैरी
सरकार की राजस्थानी विरोधी नीतियों का करेंगे विरोध
रिपोर्ट एक्सक्लूसिव,हनुमानगढ़। राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने के लिए आए दिन कार्यक्रम हो रहे हैं।राजस्थान का बेरोजगार अब आसानी से समझ गया है कि मायड़ भाषा को मान्यता न होने के कारण अब तक कितना नुकसान उठाना पड़ा है।शायद यही वजह है कि अब लोग राजस्थानी को मान्यता दिलवाने के लिए विभिन्न तरह के रास्ते अपना रहे हैं।

मायड़ भाषा  राजस्थानी छात्र मोर्चा के जिला संयोजक हरीश हैरी ने बताया कि गांव कुलचन्द्र मेें विद्यालय क्रमोन्नत हुआ है।इस विद्यालय में राजस्थानी विषय खुलवाने हेतु जिला प्रवक्ता विकास झोरड़ कुलचन्द्र,जिला
अध्यक्ष एडवोकेट अनिल शर्मा,सुशील निमिवाल,विक्रम बिश्नोई ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर हनुमानगढ़ अनुपमा को ज्ञापन सौंपा।अतिरिक्त जिला कलेक्टर अनुपमा ने ने सहर्ष ज्ञापन स्वीकार करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को उनका हक मिलेगा।राजस्थानी विषय बहुत ही सरल है अगर व्याख्याता नहीं है तो भी हिन्दी के व्याख्याता आसानी से विषय पढ़ा सकते हैं।यदि विद्यालय में  राजस्थानी की सीट सृजित होगी तभी तो उसको भविष्य में भरा जाएगा।

हरीश हैरी ने कहा कि विद्यार्थी,ग्रामीण व सरपंच चाहते हैं कि राजस्थानी विषय खुले।मगर जिला शिक्षा अधिकारी ने राजस्थानी विषय के व्याख्याता न होने की बात कह कर अन्य विषय स्वीकृत कर दिए।इस विषय पर शीघ्र ही उचित कदम उठाने की मांग की है।राजस्थानी विद्यार्थियों को उनका हक मिलना चाहिए।अगर व्याख्याता नहीं है तो सरकार उनकी नियुक्ति करें।अब घालमेल की नीति नहीं चलेगी।अगर विद्यालय में राजस्थानी विषय नहीं शुरू किया गया तो राजस्थानी छात्र मोर्चा कड़े कदम उठाने पर मजबूर होगा।


हरीश हैरी ने बेरोजगार युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि वे हर विद्यालय में राजस्थानी विषय खुलवाए ताकि राजस्थानी छात्रों को उनका हक मिले तथा मायड़ भाषा अपनाने के कारण विद्यार्थियों पर मानसिक दवाब कम हो।अगर राजस्थानी संस्कृति को बचाना है तो ये काम युद्ध स्तर पर करना होगा।


राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलवाने का काम आजादी दिलवाने से भी ऊपर गिना जाएगा क्योंकि ये संस्कृति और रोटी से जुड़ा हुआ मामला है।

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