Report Exclusive, Lok Sabha Elections 2019: Latest News, Photos, and Videos on India General Elections, Hindi News, Latest News in Hindi, Breaking News, हिन्दी समाचार -India रोगियों को समुचित व्यवस्था एवं समय पर उपचार मिले प्राप्त संसाधनों से अच्छी सेवाएं देने का प्रयास करेंः- जिला कलक्टर - Report Exclusive

Report Exclusive - हर खबर में कुछ खास

Breaking

Friday, 8 February 2019

रोगियों को समुचित व्यवस्था एवं समय पर उपचार मिले प्राप्त संसाधनों से अच्छी सेवाएं देने का प्रयास करेंः- जिला कलक्टर


उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर आमजन को राहत देंः- गंगानगर विधायक

श्रीगंगानगर,। जिला कलक्टर  शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि राजकीय जिला चिकित्सालय में आने वाले रोगियों को समुचित व्यवस्था एवं समय पर उपचार मिलें, इसके लिये मेडिकल एवं पेरामेडिकल स्टॉफ को सेवाभावना के साथ कार्य करे।
    जिला कलक्टर शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी की बैठक में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय का जो पुराना भुगतान है, उसे नियमानुसार करने की कार्यवाही करें तथा किसी भी कार्य को करने से पूर्व नियमानुसार कार्यवाही पूर्ण की जाये। जिला चिकित्सालय में पूर्व के रिकार्ड में कमियां या रिकार्ड नही मिलने के संबंध में उस दौरान सेवारत कार्मिकों को सात दिवस का कारण बताओ नोटिस जारी किया जाये। इसके पश्चात भी रिकार्ड नही मिलता है तो पुलिस में प्राथमिकी दर्ज करवाई जायेगी।
    बैठक में जिला कलक्टर ने कहा कि सीमांत क्षेत्रा विकास योजना में फोगर मशीन क्रय करने के लिये प्रस्ताव तैयार करें। काउंटर पर जिन चार कार्मिकों को लगाया गया है, वे अपने कम्प्यूटर सहित नियमित रूप से सेवाएं देगें। इन कार्मिकों के निरीक्षण के लिये पंजीका संधारित की गई है। जिला चिकित्सालय में आई वार्ड की लेजर मशीन को भी चालू हालत में रखने के निर्देश दिये गये। साथ ही बताया कि राजस्थान में जिला चिकित्सालय में आंखों के सर्वाधिक ऑपरेशन हुए है। नई आई वार्ड के रंगरोगन व सभी तरह से वार्ड तैयार करने के लिये संबंधित ऐजेंसी को 1 मार्च 2019 तक का समय दिया गया है
बैठक में चिकित्सालय की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा हुई। चिकित्सालय के मुख्य द्वार के दोनों ओर अतिक्रमण हटाने के लिये नगरविकास न्यास को निर्देशित किया गया है। साथ ही चिकित्सालय के सामने मुख्य सड़क पर वाहन धीरे चले, इसके लिये आवश्यक कार्य करने के निर्देश दिये। चिकित्सालय में कोटेज वार्ड की तरफ खुलने वाले द्वार पर तपोवन की ओर से एक सुरक्षा गार्ड लगाया जायेगा, जिसका भुगतान भी तपोवन की ओर से होगा। जिला कलक्टर ने कहा कि चिकित्सालय की व्यवस्थाएं माकुल रहे, इसके लिये दानदाता सहयोग करें। चिकित्सालय स्टॉफ की ओर से पूरा रिस्पोंस नही मिले तो वह जिला कलक्टर से संपर्क कर सकते है।
बैठक के दौरान अधिकतम रोगियों का उपचार एवं ऑपरेशन भी ज्यादा हो, इसके लिये ओटी टीम को सर्तक किया गया है। जिला कलक्टर ने कहा कि ऑपरेशन की प्राथमिकता को देखते हुए रोगी को राहत दी जाये। जानबुझकर ऑपरेशन में विलम्ब नही होना चाहिए तथा हमारा व्यवहार सदभावी होना चाहिए। जिला चिकित्सालय में स्थापित पुलिस चोकी कार्यरत हो, इसके लिये पुलिस अधीक्षक से बात की जाकर पर्याप्त पुलिस कर्मी लगवाये जायेगें।
बैठक में बताया गया कि स्वाईन फल्यू टेस्ट के लिये सरकार द्वारा दरें घटाकर 2500 रूपये कर दी गई है। अगर कोई रोगी राजकीय चिकित्सालय से बाहर निजी चिकित्सालयों में स्वाईन फल्यू का टेस्ट करवाते है तो उसकी दर 2500 रूपये निर्धारित की है, जो पूर्व में लगभग तीन गुना थी। जबकि राजकीय चिकित्सालयों में यह निशुल्क व्यवस्था है। जिला कलक्टर ने कहा कि किसी महिला रोगी की रक्त स्त्राव के कारण मृत्यु न हो, इसके लिये एंटी शोक मशीने क्रय की जाये। ये मशीने जिला चिकित्सालय सहित जिले के अन्य सामुदायिक केन्द्रों पर भी रहेगी। सामुदायिक केन्द्रों से रैफर होने वाले रोगियों के लिये ये मशीन काफी उपयोगी है।
बैठक में जिला कलक्टर ने बताया कि जिला चिकित्सालय में लगभग 128 वाशरूम है। इन सभी की मरम्मत एवं संचालन के लिये लगभग 11 लाख रूपये की राशि स्वीकृत की है। उन्होंने कहा कि टायलेट ब्लॉक ठीक होने के बाद उपस्थित कार्मिकों को इनका उपयोग भली प्रकार हो, इसके लिये आने वाले लोगों को बताना होगा। वाशरूम के पास कचरा पात्रा आवश्यक हो, जिसमें रैपर, नेपकिन इत्यादि डाले जाये। टॉयलेट ब्लॉक में प्लास्टिक नेपकिन इत्यादि डालने से अकसर लाईने चौक हो जाती है। जिला चिकित्सालय में नवनिर्मित धर्मशाला का सदुपयोग करने पर भी चर्चा हुई।
उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर आमजन को राहत देंः- गंगानगर विधायक
गंगानगर विधायक श्री राजकुमार गोड ने कहा कि जिला चिकित्सालय आमजन तथा दूर दराज से आने वाले रोगियों के लिये है। जिला चिकित्सालय में प्राप्त उपकरणों को वर्किंग में रखा जाये। चिकित्सक तथा पेरामेडिकल स्टॉफ को आने वाले रोगी के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए तथा उसका उपचार निशुल्क हो। श्री गोड ने कहा कि राज्य सरकार रोगियों को निशुल्क दवा व निशुल्क उपचार के लिये कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में संसाधनों की कोई कमी नही है। हमें उन संसाधनों का भली प्रकार से उपयोग कर आने वाले नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवानी है। श्री गौड ने कहा कि चिकित्सालय में सफाई व्यवस्था अच्छी हो, शौचालयों की नियमित सफाई की जाये।
बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल, पीएमओ डॉ. पवन सैनी, उपनियंत्राक डॉ. प्रेम बजाज, लीला चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से श्री प्रेम चौधरी, तपोवन की ओर से श्री उदयपाल झाझड़िया, सदस्य  श्री राजकुमार सोनी, श्री हरजीत सिंह हेरी, श्री गोपाल तरड़ सहित चिकित्सक, विभिन्न विभागों के अधिकारी व समिति के सदस्य उपस्थित थे। 

No comments:

Post a Comment

इस खबर को लेकर अपनी क्या प्रतिक्रिया हैं खुल कर लिखे ताकि पाठको को कुछ संदेश जाए । कृपया अपने शब्दों की गरिमा भी बनाये रखे ।

कमेंट करे