Report Exclusive, Lok Sabha Elections 2019: Latest News, Photos, and Videos on India General Elections, Hindi News, Latest News in Hindi, Breaking News, हिन्दी समाचार -India गुड-डे डिफेंस स्कूल में अनूठे अंदाज में हुआ भारतीय नववर्ष का स्वागत - Report Exclusive

Report Exclusive - हर खबर में कुछ खास

Breaking

Saturday, 6 April 2019

गुड-डे डिफेंस स्कूल में अनूठे अंदाज में हुआ भारतीय नववर्ष का स्वागत


विद्यार्थियों ने की माता-पिता की चरण वंदना
हनुमानगढ़। सम्पूर्ण भारतवर्ष में कुरूक्षेत्र के बाद दूसरे नम्बर पर गुरूकुल पद्धति पर आधारित शिक्षा देने के लिए 7 एसटीजी स्थित एसकेडी कैम्पस में स्थापित गुड-डे डिफेंस स्कूल में आज भारतीय नववर्ष का स्वागत अनूठे अंदाज में किया गया। गुरुकुल पद्धति पर आधारित बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देख उपस्थित जन मंत्रमुग्ध होने के साथ भाव-विभोर हो उठा। कार्यक्रम  की मुख्य अतिथि श्रीमती विजया चौधरी लीलांवाली थी अध्यक्षता एसकेडी के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने की। विशिष्ट अतिथि वृक्षमित्र साहबराम बिश्रोई, जूडो कोच विनीत बिश्रोई, पूर्व पार्षद मदन बाघला,  संतोष बाघला, कृष्ण भांभू, सरपंच अमनप्रीत कौर, राजेन्द्र गुम्बर, गुरजंट सिंह, किरण बिश्रोई एवं प्रकाश शास्त्री थे। 

'चरण वंदना' के दौरान झलके खुशी के आंसू

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा अपने माता-पिता की चरण वंदना का रहा। जिसमें चरण धोते अपने बच्चों को देख माता-पिता की आंखें जहां नम हो रही थी वहीं उनमें इस बात की खुशी भी झलक रही थी कि उन्होंने अपने बच्चों को ऐसे विद्यालय में प्रवेश दिलाया है जहां उन्हें शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान बनाया जा रहा है। चरण धोते अपने बच्चों को वह अपनी अंर्तात्मा से आशीर्वाद देकर उनके खुशमय जीवन की कामना कर रहे थे तो वहीं विद्यार्थी भी अपने अभिभावकों से आशीर्वाद प्राप्त कर खुशी से अभिभूत हो उठे। 

'लाडो' देख आंखे हुई नम

एसकेडी कैम्पस स्थित गुड-डे डिफेंस स्कूल में सम्पन्न हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने कन्या भू्रण हत्या के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए 'लाडोÓ नाम से एक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में छोटी-छोटी बच्चियों द्वारा कन्या भू्रण हत्या के प्रति शानदार प्रस्तुति देखकर उपस्थित जनसमूह अपनी आंखें नम होने से नहीं रोक सका। कार्यक्रम में इस प्रस्तुति की खूब चर्चा रही। 

जब दंग रह गए उपस्थित जन

कार्यक्रम के दौरान अनिल मटोरिया के निर्देशन में घुड़सवारी, अनिल सोनी के निर्देशन में रोलर स्केटिंग व योगा का आयोजन किया गया। घुड़सवारी एवं रोलर स्केटिंग में विद्यार्थियों के करतब देखकर उपस्थितजन दांतों तले अंगुली दबाने पर विवश हो गया। बाबूलाल जुनेजा ने बताया कि विद्यालय में चालू शिक्षा सत्र से रोलर स्केटिंग व योगा के प्रशिक्षण की शुरूआत की जा रही है। 

इन कार्यक्रमों का हुआ आयोजन

कार्यक्रम की शुरूआत हवन-यज्ञ के साथ की गई। जिसमें अतिथियों एवं विद्यार्थियों के अभिभावकों ने आहूति डालकर इलाके की खुशहाली की कामना की। हवन-यज्ञ प्रकाश शास्त्री के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। यज्ञ के बाद शुरू हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों ने माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर की। एसकेडी के स्टाफ द्वारा अतिथियों का बुक्के भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सबसे पहले विद्यार्थियों ने गणेश वंदना की शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। जिसके बाद विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी। जिसे देखकर उपस्थित जनसमूह भाव विभोर हो उठा। विद्यार्थियों की सभी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मां-बाप की सेवा एवं प्रेम की शिक्षा देने पर आधारित थी। कार्यक्रम के अंत में गंगानगर से अपनी टीम के साथ पधारे अनिल सोनी के नेतृत्व में उनके शिष्यों ने स्केटिंग, आंखों पर पट्टी बांधकर रंगों एवं अक्षरों की पहचान करना एवं योगा तथा अनिल मटोरिया के निर्देशन में गुड-डे डिफेंस के विद्यार्थियों ने घुड़सवारी की प्रस्तुति देकर अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाया। जिसे देखकर उपस्थित जनसमूह दांतों तले अंगुली दबाने पर विवश हो गया।

शिक्षा के साथ संस्कार भी मिलेगा : विजया चौधरी

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि विजया चौधरी ने भारतीय नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हनुमानगढ़ की जनता के लिए यह सौभाग्य की बात है कि उन्हें एक ऐसा विद्यालय मिला है जहां उनके बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ संस्कार भी ग्रहण करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों का संस्कारित होना भी जरूरी है क्योंकि वर्तमान युग में पढ़े-लिखे बच्चे संस्कारविहीन होने के कारण अपने बूढ़े मां-बाप की सेवा नहीं करते जिस कारण मां-बाप का बुढ़ापा कष्टमय हो जाता है जबकि भारतीय संस्कृति हमें यह नहीं सीखाती। मां-बाप की सेवा करना इंसान का सबसे पहला कत्र्तव्य है। उपस्थित महिलाओं से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि बेटियों को संस्कार देना मां की जिम्मेदारी होती है। मां से मिले संस्कारों की बद्दौलत ही बेटियां ससुराल में जाकर अपने सास-ससुर की सेवा करती हैं। उन्होंने विद्यालय छात्राओं से अपील की कि वे अपनी माता से अच्छे संस्कार ग्रहण करें। अपने सम्बोधन के अंत में उन्होंने कहा कि विज्ञान ने चाहे कितनी भी तरक्की कर ली हो लेकिन वह भारतीय संस्कारों से पीछे है। क्योंकि संस्कारों से ही समाज सुखी हो सकता है और समाज सुखी तो सभी सुखी रह सकते हैं। 

सपना हो रहा साकार : बाबूलाल जुनेजा

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए एसकेडी के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि उनका एक सपना था कि विद्यार्थियों को भारत में जो मैकाले पद्धति से शिक्षा दी जा रही है उससे अलग हटकर शिक्षा दी जाए क्योंकि मैकाले पद्धति पर आधारित शिक्षा ग्रहण करके विद्यार्थी उच्च पद पर आसीन तो हो सकता है लेकिन वह एक संस्कारवान बच्चा नहीं बन सकता। उनका वह सपना आज आप सभी के सहयोग से पूरा हो गया। बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि गुड-डे डिफेंस स्कूल में गुरुकुल पद्धति पर आधारित शिक्षा दी जाने के साथ-साथ सैनिक स्कूल की तर्ज पर तैयारी भी करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि पूरे बीकानेर संभाग में कोई भी ऐसा विद्यालय नहीं है जिसमें विद्यार्थियों की तैयारी के लिए इतने साधन उपलब्ध हों। जुनेजा ने कहा कि गुड-डे डिफेंस स्कूल में हम विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से अगवत करवा रहे हैं ताकि विद्यार्थी घर जाकर अपने माता-पिता की सेवा करे एवं अन्य पारिवारिक सदस्यों से सद्ïव्यवहार करे। जिसके लिए आप सभी का सहयोग भी अपेक्षित है। 

इनका रहा सहयोग

कार्यक्रम को सफल बनाने में गुड-डे डिफेंस स्कूल की निदेशक पूनम बिश्रोई, प्रधानाचार्य हितेन्द्र शर्मा, दिनेश जुनेजा, चंचल धूडिय़ा, रेणू मुद्दगल, संगीत अध्यापक रवि कुमार सहित समस्त एसकेडी परिवार का भरपूर सहयोग रहा। कार्यक्रम का मंच संचालन सुनीता पारीक ने किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह वितरित किए गए। 

No comments:

Post a Comment

इस खबर को लेकर अपनी क्या प्रतिक्रिया हैं खुल कर लिखे ताकि पाठको को कुछ संदेश जाए । कृपया अपने शब्दों की गरिमा भी बनाये रखे ।

कमेंट करे