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Sunday, 17 November 2019

जनप्रतिनिधि का जनता की समस्या से कोई सरोकार नही,अबकी बार दावेदार सरपंच से यही सवाल?

समेजा कोठी।पिछली बार राजस्थान पंचायत चुनाव 24 जनवरी को समेजा कोठी में हुआ था उस हिसाब से देखे तो पंचायती सरपंच पद हेतु चुनाव होने में लगभग 60 दिन शेष बचे हैं।लेकिन जैसे ही सरपंची चुनाव नजदीक आ रहे हैं लोग भी दावेदारों को गांव के खस्ता हालत दिखाने के लिये कमर कस रहे हैं।लेकिन अभी तक समेजा में चुनाव के लिए पक्का दावेदार सामने नही आया हैं इसका सबसे बड़ा कारण लोगों की जागृती भी हैं।लोग वर्तमान व्यवस्था व गांव के विकास की अनदेखी से परेशान हैं।ऐसा कोई वार्ड नही जहा कीचड़ न हो राहगीर परेशान हैं।
समेजा के वार्ड एक की मुख्य गली जहा हमेशा पानी का ठहराव रहता हैं जबकि इस रोड़ पर अनाज पिंड,खाद बीज सोसायटी,सहकारी क्रय विक्रय केन्द्र,शहीद ऊधम सिह स्कूल हैं जिस कारण से हर समय आवाजावी काफी रहती हैं लेकिन फिर भी यह गली विकास के लिए मोहताज हैं।इस गली में ऊट पालक भी हैं जो परेशान हैं।
यही नही पशुचिकित्साल्य के पास भी गली नाले में तब्दील हैं।जिस वजह से राहगीर परेशान जबकि इस गली में तो गुरूद्वारा साहब भी हैं।गांव की गलीया ऊंची नीची बनी हुई हैं।जिससे पानी निकासी नही हो पाती।इंटर लोकिक सड़के तो ऐसी बनी हैं की देखते ही रह जाये।
वही वार्ड 13 तो सरकारी अनुदान से भी वंचित हैं जबकि हर बार वार्ड वासियों को झुठ बोल पट्टा देने की बात कह दी जाती हैं लेकिन सच कुछ समय बाद सामने आ जाता हैं।
समेजा बस स्टैण्ड पर यात्रियों के लिये पानी व बैठने तक की सुविधा नही रोज माता बहिने खड़े रहकर बस का इंतजार करते हैं।वही सार्वजनिक शौचालय की बस स्टैण्ड पर पंचायत ने आवश्यकता तक नही समझी।
वही ग्रामीण मटमैला पानी पीने को मजबूर हैं वाटरवर्क्स में फिल्टर ईकाई नही हैं।रा वाटर पीने से लोग पेट सम्बंधित बीमारीयों की जकड़ में आ रहे हैं।
समेजा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में जरनेटर,स्टाफ का अभाव हैं।रात्रि कालीन सेवा भी टटोलने की कोशिश शायद ही किसी ने की हो।
आखिर जनप्रतिनिधि का जनता की समस्या से कोई सरोकार नही होता।आखिर लापरवाही व अनदेखी क्यों की जाती हैं।यही प्रशन चुनावी दिनों में लोग सामने रखने वाले हैं।जो सेना भाव से चुनाव मैदान में ऊतरेगा वही बाजी मारेगा वरना जनता हाथों हाथ सवाल करेगी।

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