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Wednesday, 1 January 2020

मकर संक्रान्ती पर्व पर धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझा का प्रयोग नही होगा

श्रीगंगानगर,(सतवीर सिह मेहरा)। श्रीगंगानगर जिले में मकर संक्रान्ति पर्व पर पंतगबाजी हेतु धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझा प्रयुक्त किया जाने लगा है। यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण के प्रयोग किया जाता है, जो पतंग के पेंच लडाने में अधिक कारगार होता है। इस कारण से इसका प्रयोग अधिक किया जाने लगा है। उक्त मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से निर्मित होने से धारधार तथा विधुत का सुचालक होता है। जिसके उपयोग के दौरान दोपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को अत्यधिक जान माल का नुकसान होना संभाव्य है, साथ ही विधुत सुचालक होेन के कारण विधुत तारो के सम्पर्क में लाने पर विधुत प्रवाह होने से पंतग उडाने वाले को भी नुकसान पहुंचना एवं विधुत सप्लाई में बाधा उत्पन्न होना भी संभाव्य है। इस समस्या व खतरे के निवारण हेतु आवश्यक है कि धातु निर्मित मांझा (पंतग उडाने के लिये पक्का धागा, नायलोन, प्लास्टिक मांझा, चाईनीज मांझा जो सिंथेटिक, टोक्सीक मेटेरियल यथा आयरन पाउडर, ग्लास पाउडर का बना हो) के उपयोग एवं विक्रय को निषेध किया गया है। 
माननीय उच्च न्यायालय राज. खण्डपीठ जयपुर द्वारा डीबी सिविल रिट पिटीशन एवं अन्य में जारी दिशा निर्देश एवं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल नई दिल्ली द्वारा प्रकरण में पारित आदेश में भी पंतग उडाने के लिये हानिकारक सामग्री से बने धागे के उपयोग को परमिट नही किया है। लोक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पशु पक्षियों की जान के खतरे तथा विधुत प्रसारण को बाधा रहित बनाये रखने हेतु मैं निषेधात्मक आदेश जारी करने हेतु संतुष्ट हूॅ। 
जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री शिवप्रसाद एम नकाते ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोक स्वास्थ्य व विधुत संचालन बनाये रखने एवं पक्षियों के लिये बडे पैमाने पर खतरा बन चुके धातु निर्मित मांझा (पंतग उडाने के लिये पक्का धागा, नायलोन, प्लास्टिक मांझा, चाईनीज मांझा जो सिंथेटिक, टोक्सीक मेटेरियल यथा आयरन पाउडर, ग्लास पाउडर का बना हो) की थोक एवं खुदरा बिक्री तथा उपयोग श्रीगंगानगर जिले की राजस्व सीमा, क्षेत्राधिकारिता में निषेध, प्रतिबंधित किया गया है। यह आदेश 31 जनवरी 2020 की मध्य रात्रि तक प्रभावी रहेगा। निषधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन किये जाने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डित करवाया जावेगा। 

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