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Thursday, 26 August 2021

आत्मा योजनांतर्गत संयुक्त भ्रमण

 आत्मा योजनांतर्गत संयुक्त भ्रमण

श्रीगंगानगर, । आत्मा योजना अन्तर्गत पंचायत समिति रायसिंहनगर के गावों का गुरूवार को संयुक्त भ्रमण किया गया, जिसका आयोजन ग्राम पंचायत झोटांवाली के राजीव गांधी सेवा केन्द्र पर किया गया, जिसमें लगभग 30 किसानों ने भाग लिया।
उप निदेषक कृषि एवं पदेन परियोजना निदेशक आत्मा श्री विनोद सिंह गौतम ने आत्मा योजना में कृषक रूचि समूह गठन पर विशेष जानकारी देते हुए आत्मा योजना में दी जाने वाली सुविधायंे जिनमें प्रदर्शन आयोजित करना, भ्रमण करवाना, प्रशिक्षण दिलवाना, कृषकों को जिला व पंचायत समिति स्तर पर सम्मानित करवाना आदि की जानकारी देते हुये इच्छुक कृषकों को 30 सितम्बर 2021 तक निर्धारित प्रपत्र में आवेदन करने का अनुरोध किया है।  
उपस्थित कृषक श्री बोहड़ सिंह द्वारा बीटी कपास में रस चूसक कीड़ों एवं शाॅट की समस्या के बारे में जानकारी चाही जिस पर श्री विकास कुमार उप परियोजना निदेशक आत्मा श्रीगंगानगर द्वारा खड़ी फसल में 13ः00ः45, मेग्नीशियम सल्फेट घोल के दो छिड़काव 15 दिन के अंतराल पर करने की सलाह दी। हरे तैले के लिए फ्लुकोनामिड 50 डब्ल्यूजी 0.5 ग्राम, डाईनोटाफ्यूरोन 20 एसजी 0.4 ग्राम, थायोमेथोक्जाम 25 डब्ल्यूजी 0.5 ग्राम तथा सफेद मक्खी के लिए पायरीप्रोक्सीफेन 2.5 मिली, फ्लुकोनामिड 50 डब्ल्यूजी 0.5 ग्राम, डाईनोटाफ्यूरोन 20 एसजी 0.4 ग्राम, थायोमेथोक्जाम 25 डब्ल्यूजी 0.5 ग्राम प्रतिलीटर पानी के हिसाब से किसी एक दवा छिड़काव करने की सलाह दी।
साथ ही वर्तमान परीपेक्ष में जैविक खेती की आवश्यकता के मध्यनजर जैविक खेती के घटक जिसमें विशेषकर गोबर की खाद, केंचूए की खाद, नीम बेस्ड पेस्टीसाईड, मित्रा कीट आदि की जानकारी दी तथा गलियों व नोहरों में पड़ी हुई गोबर के खाद के ढेर का नुकसान बताते हुये इस ढेर को खेत में खड्डा खोदकर खाद तैयार करने के तरीके बताये। भूमि में कार्बन नत्रजन रेशो की कमी होने की बात बताई जिसकी पूर्ति जैविक खादों से की जा सकती है।
श्री जगजीत सिंह सहायक कृषि अनुसंधान अधिकारी द्वारा फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाने के लाभ जैसे- जैविक कार्बन की मात्रा का बढ़ना, उर्वरक उर्वरा शक्ति बढ़ने, पौषक तत्वों की मात्रा, भूमि की नमी, भूमि की जलधारण क्षमता का बढ़ना आदि के बारे में बताते हुए फसल अवशेषों को जलाने के दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए ट्राईकोडर्मा के उपयोग के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
श्री गंगा सिंह कृषि पर्यवेक्षक, झोटांवाली द्वारा कृषि विभाग की देय सुविधाओं डिग्गी निर्माण पर अनुदान, कृषि यंत्रों पर अनुदान, कृषि पौध संरक्षण उपकरणों पर अनुदान आदि की विस्तार से जानकारी दी एवं उपस्थित कृषकों से कृषि से संबंधित कार्यक्रमों में अधिक से अधिक रूचि लेकर भागीदारी लेने का आग्रह किया।

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