जाने दिल्ली में अगले माह क्यों आ रहे है 50 देशो के नेता...


नेशनल। गणतंत्र दिवस परेड पर आसियान देशों के 10 नेताओं को एक साथ न्योता देने के बाद भारत में एक और बड़ा कूटनीतिक आयोजन होने जा रहा है। इसमें 50 देशों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। कम-से-कम 27 देशों के राष्ट्र प्रमुखों के आने के संकेत मिल चुके हैं। इंटरनैशनल सोलर अलायंस की अगले महीने होने वाली पहली कॉन्फ्रेंस के दौरान कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों की भी योजना बनाई गई है।

इसमें फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, बांग्लादेश, सेशेल्स, घाना, गैबॉन, वेनिज्वेला, फिजी, मॉरिशस जैसे देश भी होंगे। कॉन्फ्रेंस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैन्युएल मैक्रों करेंगे। इस अलायंस से 121 देशों को जोड़े जाने की संभावना है, जहां साल में 300 से ज्यादा सूरज की अधिकतम रोशनी मिलती है। कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत विकासशील देशों को सौर ऊर्जा प्रोजेक्टों के लिए लाइन ऑफ क्रेडिट देने का प्रस्ताव रखेगा। हाल में इस दिशा में भारत की कोशिशों पर 20 देशों ने पॉजिटिव रुख दिखाया है और प्रस्ताव रखे हैं। भारत सरकार ने इस अलायंस के लिए 130 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं और अगले 3 साल में 45 करोड़ रु दिए जाएंगे।

विदेश मंत्रालय का कहना है कि इंटरनैशनल सोलर अलायंस की पहली कॉन्फ्रेंस 11 मार्च को राष्ट्रपति भवन में होगी। इसमें सौर ऊर्जा की संभावना वाले देश एक मंच पर खड़े होंगे। पैरिस में 2015 में हुई क्लाइमेट चेंज कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने इस अलायंस की मुहिम शुरू की थी और 2016 में ही इसका फ्रेमवर्क अग्रीमेंट तैयार हो गया। फिलहाल 55 देशों ने इस अलायंस के अग्रीमेंट पर साइन किए हैं, जिसे 26 देशों में मंजूरी मिल चुकी है। उम्मीद है कि ये सभी 26 देश इस सम्मेलन में शिरकत करेंगे। 

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