हनुमानगढ़:-ऑपरेशन के बाद बोले परिजन- मेरी बिटिया अब बाकी बच्चों की तरह खेलेगी और जीवन में आगे बढ़ेगी


आरबीएसके के तहत हुआ दिल का निःशुल्क इलाज
रिपोर्ट एक्सक्लूसिव,हनुमानगढ़। लम्बे समय से बिटिया के दिल में छेद की तकलीफ और गरीबी का दंश झेल रहे गांव नाईवाला के रामसिंह के घर में आखिरकार अब खुशहाली लौट आई। उनकी आठ साल की बेटी अब सरकारी मदद से पूरी तरह से ठीक हो गई। इलाज पूरा खर्च राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत राज्य सरकार ने उठाया। आरबीएसके कार्यक्रम अब तक ऐसे कई बच्चों एवं उनके परिजनों के चेहरों पर मुस्कान लौटा चुका है, जो गरीबी और तंगहाली के कारण महंगे और बड़े मल्टीस्पेशियलिटी अस्पतालों का खर्च नहीं उठा सकते हैं। 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरूण कुमार ने बताया कि टिब्बी ब्लॉक के 11 सीडीआर के गांव नाईवाला निवासी रामसिंह-वीरपाल कौर की पुत्री पूजा बचपन से ही अस्वस्थ रहती थी। डॉक्टरों को दिखाने पर पता चला कि पूजा के दिल में छेद है और उसके इलाज के लिए काफी रूपयों की आवश्यकता पड़ेगी। रामसिंह के लिए इतने रूपयों की व्यवस्था करना नामुमकिन था। पूजा की तबीयत अकसर खराब ही रहती थी। ऐसी स्थिति में परिजन गांव के डॉक्टर से ही पूजा को दवाई दिलवा रहे हैं, 

लेकिन वे लोग भी जानते थे कि यह स्थाई इलाज नहीं है। गत 1 फरवरी को टिब्बी आरबीएसके टीम के डॉ. जगदीशचन्द्र शर्मा व फार्मासिस्ट सुनीता छींपा सूरेवाला के सरकारी स्कूल में बच्चों की स्क्रीनिंग के लिए गए। वहां उन्होंने पूजा की स्वास्थ्य जांच की, तो उन्हें पता लगा कि बच्ची के दिल में छेद है। पूजा के सहपाठियों ने बताया कि पूजा अकसर बीमार ही रहती है। चिकित्सकों ने पूजा के परिजनों से बात की और बताया कि पूजा के इलाज जयपुर में होगा, जिसका खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। परिजनों की सहमति के बाद बीसीएमओ डॉ. सुरेन्द्रपाल स्वामी व बीपीएम मनोहरसिंह राठौड़ ने पूजा के ऑपरेशन करवाने के सारे इन्तजाम करवाएं।

जयपुर में हुआ ऑपरेशन
हनुमानगढ़ से सारी औपचारिकाताओं के बाद पूजा को जयपुर के फोर्टिज हॉस्पीटल में उपचार के लिए भेजा गया। फोर्टिज हॉस्पीटल ने डॉक्टरों ने पूजा के पिता रामसिंह को बताया कि ऑपरेशन के बाद पूजा बाकी बच्चों की तरह खेल पाएगी और उसका स्वास्थ्य अब बेहतर हो पाएगा। इस दौरान आयुष चिकित्सकों की टीम रामसिंह से रोजाना बात करती तथा पूजा के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेती। गत 14 फरवरी को डॉक्टरों ने पूजा के दिल के छेद का ऑपरेशन किया, जो सफल रहा। ऑपरेशन के बाद अब पूजा बिल्कुल स्वस्थ है। रामसिंह ने बताया कि आयुष चिकित्सकों के डॉक्टरों द्वारा हौसला देने पर ही वे अपनी बच्ची का ऑपरेशन करवाने की हिम्मत कर पाए। उन्होंने कहा कि मेरी बिटिया अब बाकी बच्चों की ही तरह खेलेगी और जीवन में आगे बढ़ेगी। आरबीएसके से उसकी बच्ची को स्वस्थ और नई जिन्दगी मिली है। 

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