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Wednesday, 5 December 2018

#Expose #Special #Episode 02 हनुमानगढ़ बीजेपी के प्रत्याशी व पुत्र पर पांच साल में कई कांडो में उठा नाम तो अब सफाइयों का चलाया सिलसिला...


हनुमानगढ़(कुलदीप शर्मा)राजस्थान में चुनाव के बाद ही नेताओं का जनता के बीच में जाना लगभग शुरू हो चुका है चुनाव का समय नेताओं की छवि गढ़ने का समय होता है लेकिन हनुमानगढ़ विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के पदाधिकारी जल संसाधन मंत्री डॉ रामप्रताप व उनके पुत्र अमित सहू की छवि बदलने में जुटे हैं. गौरतलब है कि पिछले 5 साल के दौरान पूरे क्षेत्र में जल संसाधन मंत्री उनके पुत्र का व्यवहार का विषय बना रहा भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता तो इस व्यवहार को लेकर दुर्व्यवहार की श्रेणी में शामिल करते रहे हैं। यही वजह है कि कई नेताओं ने इन चुनाव के वक्त में पार्टी का दामन छोड़ दिया ऐसे नेताओं की संख्या कम नहीं है जिन्होंने खुले मंच से मंत्री व उनके पुत्र पर दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं। मामला सिर्फ दुर्व्यवहार के आरोपों तक ही सीमित नहीं है पिछले 5 साल में हनुमानगढ़ में कई ऐसी घटनाएं हुई जिनके चलते सत्ता पक्ष सवालों के घेरे में है। यही वजह है कि अभी तक भाजपा के साथ टिके हुए पदाधिकारी और कार्यकर्ता इन आरोपों की सफाई देते नजर आ रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो छवि बदलने का प्रयास किया जा रहा है।

खुद बीजेपी ने दिया विकास पुरुष का नाम लेकिन....
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विकास पुरुष का नारा हवा होता हुआ नजर आ रहा है भाजपा की ओर से एंटी इनकंबेंसी से बचने के लिए जल संसाधन मंत्री डॉक्टर राम प्रताप की छवि विकास पुरुष के तौर पर करने की कोशिश भी की गई इसके लिए कई नारे गढ़े गए। लेकिन अब प्रचार की यह रणनीति पूरी तरह से हवा हो गई है। अब मुख्य ध्यान रूठे को मनाने और मंत्री पुत्र व खुद जल संसाधन मंत्री डॉक्टर राम प्रताप की छवि बदलने पर है। खास बात यह है कि डैमेज कंट्रोल भी वार्ड स्तर तक पहचान रखने वाले नेताओं तक सिमट गया है। कई बड़े नेता भी अभी दूरी बनाए हुए हैं और विपक्षी पार्टी के मंच से खुले आरोप भी लगा रहे हैं।


मंत्री व मंत्री पुत्र पर लगे अनेको आरोप...!
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कुछ ऐसे प्रकरण जो पिछले काफी वर्षों से सत्ता पक्ष पर हावी रहे हैं जिनसे सत्ता पक्ष पर लगातार सवाल उठते रहे हैं एक बार हम आपको बड़ा बड़ा बता रहे हैं बाद में बारीकी से अगले कड़ियों में आपको अवगत करवाएंगे.

01. जंक्शन कोर्ट परिसर में कांग्रेस नेता की जीप में अफीम रखने का मामला और सत्ता पक्ष पर उठी उंगलियां।

02. हनुमानगढ़ कोर्ट परिसर में सरेआम गोली कांड और हरीश सिंधी की मौत के मामले में लगे आरोप।

03. बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व मंत्री के खासम खास जोधा सिंह पर लगे आरोप।

04. खुद मंत्री रामप्रताप के गांव में अनाथ लड़कियों के खेत का रास्ता दबंगों द्वारा रोकने का मामला।

05. गांव मुंडा में मंत्री की शह पर अवैध तरीके से मकान तोड़ने के आरोप और लंबे समय तक चला आंदोलन।

06. हनुमानगढ़ में एक आंदोलन के दौरान बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ताओं पर हुआ बल प्रयोग।

07. जिला मुख्यालय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप।

08. हनुमानगढ़ के विभिन्न वार्डों में हुए विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप और अधिकंश पार्षदों की नाराजगी।

09. अपनी पसंद के नेताओं को पदाधिकारी और स्थानीय निकाय में बैठाकर पदों की बंदरबांट करना।

10. पुत्र मोह में पार्टी के युवा और जनाधार वाले नेताओं को आगे बढ़ने से रोकने का आरोप।

इन नेताओं ने आरोपो के साथ छोड़ा दामन..
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इन नेताओं ने भी बीजेपी का दामन छोड़ दिया है।चुनावी घोषणा होते ही कई नेताओं के द्वारा भाजपा का साथ छोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया था पहला बड़ा झटका कृषि उपज मंडी समिति चेयरमैन रामेश्वर चांवरिया के रूप में लगा चांवरिया ने कांग्रेस प्रत्याशी के मंच से ना सिर्फ खुले समर्थन का ऐलान किया बल्कि मंत्री पुत्र पर दुर्व्यवहार के खुले आरोप भी लगाए। इसके बाद भाजपा के बड़े नेताओं में शुमार रहे और पिछले चुनाव में बागी हुए जसपाल सिंह ने खुलकर कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में सभाओं को संबोधित करना शुरू किया। भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष रेनू चौधरी ने तो बकायदा प्रेस वार्ता करके दुर्व्यवहार के आरोप लगाए।  पिछले चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ी सुमन चावला ने भी कांग्रेस को समर्थन दे दिया। इसके चलते भाजपा की डैमेज कंट्रोल की सभी कोशिशें नाकाम हो गई।

सफाइयों के लिए सोशल मीडिया का लिया जा रहा सहारा...
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अभी सोशल मीडिया के सहारे नैया पार लगाने की लगातार कोशिश की जा रही है। भाजपा की टीम सोशल मीडिया के सहारे मंत्री व मंत्री पुत्र पर लगे आरोपों का जवाब देने में जुटी है। फेसबुक व्हाट्सएप के साथ ऐसा भी कोई भी सोशल मीडिया साधन नहीं बचा है जिस पर मंत्री पुत्र ने खुद सफाई ना दी हो। चर्चा यह भी है कि सोशल मीडिया को मैनेज करने के लिए एक विशेष टीम भी बनाई गई है। इसके बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं आ रही है। सोशल मीडिया की पोस्ट डालते ही दूसरे पक्ष की ओर से पुराने मामले उठा दिए जाते हैं। अब देखते हैं क्या होगा.....???

खुलासे लगातार रहेंगे जारी...
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रिपोर्ट एक्सक्लूसिव की टीम प्रत्याशियों के विकास व उनसे जुड़े मुद्दों को खंगालने में लगी हुई है। विकास के दावो की क्या है हक़ीक़त पर भी हम आमजन तक खबरे लाते रहे है। आगे भी दो दिन दिनभर खबरों का फटाफट अंदाज आपको देखने को मिलेगा। हालांकि हमे भी पता है कि हम रिस्क पॉइंट पर बैठ कर आमजन के हितों की बात करते है। पत्रकारिता में जोखिम भरी खबरों का प्रसारण करना भी किसी हमले को जन्म दे सकता है लेकिन फिर भी रिपोर्ट एक्सक्लूसिव खबरों का प्रसारण लगातार जारी रखेगा...!

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