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Thursday, 3 March 2022

जिले से लेकर जयपुर तक पुलिस की किरकिरी

 

■ आईजी व एसपी की प्रेस वार्ता का बहिष्कार,पत्रकारों के न पहुंचने पर प्रेस वार्ता रद्द


■ जिले से लेकर जयपुर तक पुलिस की किरकिरी


■ आईजी को तुंरत वीसी पर देना पड़ा जवाब - सूत्र


■ पत्रकार अहम बैठक कर ले सकते है अहम निर्णय


कुलदीप शर्मा

हनुमानगढ़(कुलदीप शर्मा)। जिले में बीकानेर रेंज आईजी ओमप्रकाश के पहुंचने के चलते एसपी अजय सिंह राठौड़ ने पत्रकारो की एक प्रेस वार्ता आयोजित की। प्रेस वार्ता दोपहर 12:30 बजे रखी गयी थी। लेकिन पत्रकारों में एसपी के प्रति नाराजगी के चलते प्रेस वार्ता सिरे नहीं चढ़ पाई और एसपी को प्रेस वार्ता रद्द करनी पड़ी। दरअसल जिले के पत्रकार एसपी के पदभार ग्रहण करने वाले दिन से लेकर आज तक नाराज ही चले आ रहे हैं। एसपी के बारे में पिछले जिले से जो फीडबैक मिला वो ही यहां लागू करने का प्रयास एसपी अजय सिंह करना चाहते है लेकिन पत्रकारो की एकता के आगे शायद एसपी अजय सिंह की मोनोपोली चलती हुई नजर नहीं आ रही है। एसपी के पदभार ग्रहण करने के बाद से एसपी ने प्रेस वार्ता कर अपने विजन को खुलकर क्लियर नहीं किया। जिले के प्रति अपनी जिम्मेदारी को लेकर पहले दिन से ही लापरवाही सामने आ गयी। उसके बाद आमजन को जहां उम्मीदे थी कि एसपी बदले है तो सिस्टम भी बदलेगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। एसपी ने पत्रकारो के फोन उठाने बन्द कर दिए। व्हाट्सएप मैसेज से लेकर फोन तक नहीं उठाने से पत्रकार पहले से ही नाराज चल रहे थे ऊपर से एसपी ने सभी थानों से प्रेस नोट का अधिकार छीनते हुए एसपी कार्यालय से प्रेस नोट जारी होने का फरमान जारी कर दिया। उसका नतीजा ये रहा कि हर खबर को दबाना शुरू कर दिया गया। अब एसपी मीडिया को ये बताने में जुट गए कि कौनसी खबर चलानी है व कब चलानी है वो अब एसपी निर्धारित करेंगे। इसके चलते पत्रकारो में आक्रोश बढ़ गया। पत्रकारो ने आज प्रेस वार्ता का बहिष्कार कर ये दिखा दिया कि मीडिया कमजोर नहीं है। आज पत्रकारो के विरोध के बाद एसपी अचानक सकपका गए,उन्हें ये समझ मे नहीं आ रहा था कि आखिर हुआ क्या ? लेकिन जैसे ही अनेक टीवी चैंनलों पर ब्रेकिंग चली तो जिले से लेकर जयपुर तक बाते पहुंची तो आईजी से लेकर एसपी के फोन घनघनाने शुरू हो गए। कई पुलिस अधिकारियों ने बीचबचाव करने का प्रयास किया लेकिन पत्रकारो ने साफ कर दिया कि बहिष्कार का मतलब बहिष्कार ही रहेगा। जिसके बाद मजबूरन पुलिस को प्रेस वार्ता को रद्द करना पड़ा और आईजी व एसपी अपनी बात पत्रकारो के बीच नहीं रख पाए। अब भी एसपी के पास मौका है कि वो अपनी कार्यशैली को बदले व कुछ बदले गए नियमो को वापिस ले अन्यथा मीडिया उनका विरोध करती रहेगी। 


बिना मादक पदार्थो व अवैध हथियारों के विजुअल के बिना खबर नहीं लगाने का ले सकते है पत्रकार निर्णय!

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जिले के इलेक्ट्रोनिक व प्रिंट मीडिया पत्रकार जल्द ही एक अहम बैठक करके एसपी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर सकते है। पत्रकारो ने आज स्पष्ट कर दिया कि पत्रकार एक है। उनके अधिकारों पर कुठाराघात होगा तो वो बर्दाश्त नहीं करेंगे। सूत्र बताते है कि सभी पत्रकार मिलकर अब ये निर्णय भी ले सकते है कि जब तक पुलिस पकड़े गए अवैध हथियार,अवैध मादक प्रदार्थ,अवैध सामान, अवैध शराब का विजुअल व फ़ोटो नहीं देगी तब तक खबरो का प्रसारण नहीं करेगी। क्योंकि पत्रकार कहते है एकमात्र हनुमानगढ़ जिला है जहाँ पत्रकार अपने नियमो से आगे बढ़कर कोपरेट करने का प्रयास करते है लेकिन जब पानी सर से ऊपर निकल जाए तो एकता दिखानी भी जरूरी हो जाती है। पत्रकारो ने कहा कि हम अपनी अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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