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लीकेज से क्षतिग्रस्त हो रही हेड वाटर वक्र्स की चार दीवारी


चारणवासी। गांवों में पाइप लाइनों के लीकेज न निकालने के कारण लोगों को अशुद्व पानी से हलक की प्यास बुझानी पड़ रही है। गांव रतनपुरा के हेड वाटर वक्र्स के मुख्यद्वार के पास एक साल से पाइप लाइन  लीकेज पड़ी है। विभाग का कर्मचारी हर रोज लीकेज को देखता है लेकिन प्रंचड़ ग्रमी व तेज धूप में कर्मचारी लीकेज निकालने पर भी परहेज कर रहे है। पूर्व पंचायत समिति सदस्य जिंद्रपाल गोदारा ने बताया कि नव निर्मित चार दीवारी के पास पाइप लाइन लीकेज हुऐ एक साल से अधिक समय गुजर गया। पेयजल सप्लाई के दौरान लीकेज के पानी से चार दीवारी के नींव में बने गढ़े में भर जाता है गढ़े के पानी में आवारा कुते बैठे रहते है।  सप्लाई बंद होने के बाद लीकेज के कारण गढ़े में एकत्रित हुआ अशुद्व पानी पाइप लाइन में चला जाता है। ओर अगले दिन पेयजल सप्लाई के दौरान गढ़े का अशुद्व पानी लोगों के घरों में चला जाता हैं। नतीजन दूषित पानी पीने से यहां के लोग जनजनित बिमारियों के शिकार हो रहे हैं। लीकेज का पानी हमेशा रहने के कारण चार दीवारी में भी दरार पड़ गई हैं।यहां तैनात कर्मचरियों की आंखों के सामने हर रोज सैंकड़ो लीटर पानी व्यर्थ बह रहा हैं। जईएन श्याम सूंदर शर्मा ने बताया कि मामला दिखवा लेता हूं।

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