हनुमानगढ़ । देश मे बढ़ रहे मासूम बेटियों को कोख में मारने की घटनाओं से दिल दहल उठता हैं ! समाज मे बेटियों को जिस नज़रिए से देखा जाता हैं वो बहुत ही बुरा सा लगता हैं । 

देश मे सरकारों ने भी अपने-अपने स्तर पर खूब प्रयास किये व करते भी जा रहे हैं ! लेकिन फिर भी नज़रो को बचाते हुए देश भर में बेटियों को कोख मै मारने का काम बदस्तूर जारी हैं ! 

आज मेने इस विषय पर गहनता से विचार किया और दुनिया को शिक्षा देने से पहले खुद को बदलने की सोची ! आज से मैने अपने नाम के साथ अपनी धर्मपत्नी का नाम भी साथ मे जोड़ा हैं । इसलिए मुझे अब कुलदीप शर्मा की जगह अगर कुलदीप ममता शर्मा बोला जाए तो अच्छा लगेगा ।

आओ मिलकर संकल्प ले कि अब समाज को बेटी बचाने व बेटियों को पढ़ाने के लिए जागरूक करेंगे ।

विडम्बना देखे - बहु,बहिन और माँ सबको ही चाहिए लेकिन बेटी किसी को नहीं चाहिए !