तेहरान(जी.एन.एस) ईरान पर अमेरिकी सख्ती से तेल के वैश्विक बाजार में भी एक लड़ाई छिड़ गई है। ईरान ने कहा है कि पेट्रोलियम उत्पादक देशों के संगठन ओपेक की साख अब नहीं रह गई है। ईरान ने कहा कि इसके कुछ सदस्य देशों न इसे महज एक अमेरिकी टूल में बदल कर रख दिया है। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से उसका तेल उत्पादन घट गया है और वैश्विक बाजार में क्रूड का दाम बढ़ रहा है। पेट्रोल डीजल की कीमतों में लगातार इजाफा हो रहा है और भारत सरकार को भी विपक्ष ने इस मुद्दे पर घेर रखा है। ईरान के ओपेक गवर्नर हुसैन कजीमपुर ने कहा कि सऊदी अरब और यूएई ओपेक को अमेरिका का टूल बना रहे हैं।
इस वजह से संगठन की साख अब नहीं रह गई है।
ईरान ऑइल मिनिस्ट्री के शना न्यूजवायर से बात करते हुए ओपेक ईरानी अधिकारी ने ये बातें कहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि ओपेक अपनी अंतरराष्ट्रीय छवि को खो रहा है और महज एक फोरम बनकर रह गया है। दरअसल रूस, दूसरे तेल उत्पादकों सहित ओपेक ने जून में तेल उत्पादन को बढ़ाने पर सहमति दी थी। ईरान ने इस कदम का विरोध किया था। ओपेक के फाउंडर मेंबर्स में से एक ईरान अमेरिका की तरफ से प्रतिबंध लगाने के बाद इस तरह की कवायद के विरोध में था।
अमेरिका 2015 की ईरान न्यूक्लियर डील से बाहर निकल गया है और उसने ईरान पर वैश्विक प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका के इस फैसले के बाद तेल के वैश्विक बाजार में सप्लाई की व्यवस्था बने रहने पर सवाल खड़ा हो गया। ईरान ने सऊदी अरब और रूस पर तेल प्रॉडक्शन को बढ़ाने को लेकर निशाना साधा है। ईरान के ओपेक गवर्नर ने कहा कि संगठन का दायित्व है कि वह बाजार में स्थायित्व को बरकरार रखने के लिए काम करे न कि एक संस्थापक सदस्य का बायकॉट करे।
Source Report Exclusive
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