माल्या के जेटली बम से बीजेपी बैकफुट पर और कोंग्रेस आक्रामक मोड़ में


नई दिल्ली(जी.एन.एस) भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या के भारत छोड़ने से पहले देश के वित्तमंत्री अरुण जेटली से मुलाकत करने के बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। माल्या के बयान के बाद राजनैतिक पार्टीओ में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। माल्या के आए बयान के बाद जनता पर काफी दिनों बढ़ रहे पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दामों पर से भी कोंग्रेस और देश की जनता का ध्यान बट गया है और कही न कही ऐसा भी लग रहा है की बढ़ते तेल के दामों पर से देश की जनता का ध्यान भटकाने के लिए तो माल्या सामने नहीं आया? पेट्रोल और डीज़ल के बढ़ते दामों के मुद्दे को दबाने के लिए माल्या का ये बयान सामने आया है? खैर जो भी हो यही देश और विपक्ष का पूरा ध्यान इस मुद्दे पर है। इस बयान से माल्या का बयान आने के बाद कोंग्रेस पार्टी एक्शन में आ गई है और जेटली समेत भाजपा पर हमलावर हो गई है। दूसरी तरफ भाजपा ने भी अपने पक्ष और बयान को लेकर अपनी सफाई पेश की है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियों ने एक-दूसरे पर कड़े हमले किए।

राहुल गांधी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वित्त मंत्री का इस्तीफा मांगा है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने माल्या को बार-बार लोन दिए जाने को लेकर तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार को कठघरे में खड़ा किया। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस पर विजय माल्या को लोन देने, उनके लोन की रीसट्रक्चरिंग करने और कई अन्य रियायतें देने का आरोप लगाया। पात्रा ने कहा कि बैंकों के आनाकानी करने के बावजूद तत्कालीन यूपीए सरकार द्वारा दबाव डालकर माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस को लोन मनमाने तरीके से बांटे गए। कांग्रेस इसका जवाब दे। इसका जवाब देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि क्या किसी का लोन एक्सटेंड करना कोई गुनाह है।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने विजय माल्या विवाद पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, कि 9,000 करोड़ के फ्रॉड और 29 जुलाई 2015 में एफआईआर के बाद भी विजय माल्या को क्यों गिरफ्तार नहीं किया गया। किसी ने माल्या के खिलाफ सीबीआई को लुकआऊट नोटिस क्यों नहीं जारी किया। सुरजेवाला ने कहा कि जब वित्त मंत्री को हर बात की खबर थी फिर भी क्यों माल्या के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

उन्होंने सेबी, ईडी, एसएफआई और सीबीआई को इस बात की सूचना क्यों नहीं दी। भारत से फरार अरबपति व्यापारी विजय माल्या ने कहा है कि भारत छोड़ने से पहले उन्होंने मामला सुलझाने के लिए वित्त मंत्री से मुलाकात की थी। वेस्टमिंस्टर में प्रत्यर्पण की सुनवाई के बाद माल्या ने कोर्ट के बाहर यह बयान दिया। इस मामले में सफाई देते हुए अरुण जेटली ने कहा कि माल्या का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है। माल्या के इस बयान के बाद सियासी सरगर्मियां बढ़ गई हैं। कांग्रेस ने बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है।

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