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Thursday, 11 March 2021

नो स्मोकिंग डे‘ पर निकाली गई जन-जागरूकता रैली

जिला कलक्टर सहित अन्य अतिथियों ने दिखाई हरी झण्डी

हनुमानगढ़। धूम्रपान शरीर के लिए खतरनाक है, क्योंकि यह शरीर को आंतरिक रूप से खोखला बना देता है। शरीर के महत्वपूर्ण अंगों जैसे फेफड़े, हार्ट, कोशिकाओं को प्रभावित करता है। कई जानलेवा बीमारी कैंसर, हार्ट फेल्योर, फेफड़ा संक्रमण को जन्म देता है। एंजाइटी के अलावा मानसिक बीमारी की चपेट में लोग आ जाते हैं। धूम्रपान करने वालों को तो नुकसान होता ही है, उनके आसपास रहने वाले (पैसिव स्मोकिंग) को भी सिगरेट का धुआं बीमार बना देता है। यह बात आज जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन ने ‘नो स्मोकिंग डे‘ पर आयोजित रैली को हरी झण्डी दिखाने के दौरान कही। उनके साथ जिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रीति जैन, सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा भी उपस्थित थे।
जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन ने बताया कि कुछ लोग यह सोच कर सिगरेट पीते हैं कि उन्हें इससे फ्रेश महसूस होता है, लेकिन एक सिगरेट पीने से जिंदगी के 11 मिनट कम हो जाते हैं। इसके अलावा एक सिगरेट में चार हजार से अधिक ऐसे केमिकल्स होते हैं, जिससे कैंसर फैलता है। दुनिया में हर छह सेकेंड में एक मौत तंबाकू सेवन के कारण होती है। तंबाकू में कई केमिकल होते हैं, जिनमें निकोटिन प्रमुख है। निकोटिन हमारे नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है। 70 लाख से ज्यादा लोग दुनियाभर में हर साल तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों के कारण कैंसर व अन्य बीमारियों का शिकार होकर दम तोड़ देते हैं।
जिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रीति जैन ने कहा कि धूम्रपान तो खतरनाक है ही, लेकिन जो धूम्रपान करने वालों के आसपास जो रहते हैं, उनको भी बहुत खतरा होता है। इससे फेफड़ा प्रभावित होने की संभावना सबसे ज्यादा होती है। इस कारण अस्थमा व सीओपीडी की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में धूम्रपान से स्वयं भी बचें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें। धूम्रपान छोड़ें और स्वस्थ जीवन जीयें।
सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि हर साल मार्च माह के दूसरे बुधवार को नो स्मोकिंग डे मनाया जाता है। वर्ष 1984 में इस दिवस को मनाने की शुरुआत हुई। इस दिन को मनाने का उद्देश्य यह है कि लोगों को घ्मोकिंग छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। लोग सिगरेट जैसी खतरनाक चीज को अपनी जिंदगी से दूर करें और स्वस्थ जीवन जीयें। 10 लाख से ज्यादा लोग हर साल भारत में धूम्रपान से होने वाली बीमारियों से मरते हैं। वहीं 2,00,000 से ज्यादा लोग तंबाकू चबाने या इसके अलग-अलग रूपों में सेवन करने से मृत्यु हो जाती है। तंबाकू व धूम्रपान करने वालों की संख्या ज्यादा होने से मुंह व फेफड़ा का कैंसर होने की संभावना सबसे ज्यादा है। उन्होंने बताया कि जिले में तम्बाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ द्वारा गाइडलाइन के अनुसार तम्बाकू विक्रय करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर चालान संबंधी कार्रवाई की जा रही है।
जिला समन्वयक निपेन शर्मा ने बताया कि धूम्रपान से पुरुष व महिलाओं के प्रजनन क्षमता में कमी आती है। जहां पुरुष के शुक्राणुओं और कोशिकाओं की संख्या को नुकसान पहुंचता है, वहीं महिलाओं द्वारा धूम्रपान करने से गर्भस्राव या जन्म देने वाले बच्चे में स्वास्थ्य समस्याएं होने की अधिक संभावना होती है। लगातार सिगरेट पीने से फेफड़े के कैंसर की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है।  सिगरेट में निकोटीन और अन्य जहरीले रसायन हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा देते हैं। इसकी वजह से स्ट्रोक पैरालिसिस, आंशिक अंधापन, बोलने की शक्ति और यहां तक कि मौत का कारण भी हो सकती है। धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों में स्ट्रोक होने की संभावना तीन गुना अधिक होती है।
आज की रैली में एएनएम प्रशिक्षण केन्द्र की छात्राओं ने जिला कलक्ट्रेट परिसर से विभिन्न स्थानों से होते हुए वापिस स्वास्थ्य भवन पहुंची, जहां उन्हें जलपान दिया गया। आज कार्यक्रम में त्रिलोक शर्मा एवं सीएमएचओ कार्यालय के स्टॉफ उपस्थित थे। 

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