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Tuesday, 4 May 2021

श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सहित अनेक रेल खंड को 2023 तक विधुतीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित


 श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ सहित अनेक रेल खंड को 2023 तक विधुतीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित

उत्तर पश्चिम रेलवे पर अब तक 2190 किलोमीटर ट्रेक विधुतीकृत,
2020-21 में 566 किलोमीटर ट्रेक का विद्युतीकरण कार्य पूर्ण किया
श्रीगंगानगर, 4 मई। भारतीय रेलवे द्वारा कोविड-19 की विषम परिस्थितियों में भी आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता हेतु कार्य किये जा रहे है। भारतीय रेलवे पर वर्ष 2020-21 में पर्यावरण अनूकुल रेल संचालन के लिये 6015 किलोमीटर ब्राडगेज लाइनों का विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया गया, जोकि अभी तक का सर्वाधिक है। रेलवे द्वारा 2023 तक सभी रेल लाइनों के विद्युतीकरण करने के लिये लक्ष्यानुसार कार्य किया जा रहा है।
 उत्तर पश्चिम रेलवे के उपहाप्रबंधक (सामान्य) व मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी लेफ्टिनेंट शशि किरण के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे पर रेल विद्युतीकरण के कार्य तीव्र गति से किये जा रहे है। इस रेलवे पर विद्युतीकरण के कार्य को विगत वर्षों के बजट में प्राथमिकता प्रदान की गई है तथा सम्पूर्ण उत्तर पश्चिम रेलवे पर विद्युतीकरण का कार्य स्वीकृत हो गया है। अब तक 2190 किलोमीटर रेल लाइन पर विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उत्तर पश्चिम रेलवे पर वर्ष 2020-21 में 566 किलोमीटर रेलखण्ड के विद्युतीकरण का कार्य पूरा किया गया। उत्तर पश्चिम रेलवे के महत्वपूर्ण रेलखण्ड रेवाडी-अजमेर वाया फुलेरा तथा रेवाडी-अजमेर वाया जयपुर रेलखण्डों पर इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन पर यात्री रेलसेवाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके साथ ही अजमेर से उदयपुर मार्ग का भी विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो गया है तथा राजस्थान के प्रमुख पर्यटक स्थल उदयपुर का जुडाव अजमेर, जयपुर तथा दिल्ली से इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन से सम्पर्क स्थापित हो गया है।
 उत्तर पश्चिम रेलवे पर वर्ष 2021-22 में 980 किलोमीटर ब्राॅडगेज लाइनों को विद्युतीकृत किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस वर्ष रींगस-सीकर-चूरू, सीकर-लोहारू, चूरू-रतनगढ-लालगढ, सूरतगढ-लालगढ, मारवाड-लूनी-जोधपुर, ब्यावर-गुडिया, मदार-पुष्कर रेलमार्ग के विद्युतीकरण का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त फुलेरा-जोधपुर व हनुमानगढ-श्रीगंगानगर रेलमार्ग के विद्युतीकरण का कार्य प्रारम्भ कर वर्ष 2023 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
 जयपुर-सवाई माधोपुर मार्ग पर, अजमेर पुलिया पर विद्युतीकरण से सम्बंधित विशेष कार्य पूर्ण हो जाने पर जयपुर से मुम्बई की ओर जाने वाली ट्रेनों का संचालन इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन पर किया जा सकेगा साथ ही ब्यावर से गुडिया मार्ग का विद्युतीकरण होने से दिल्ली से अहमदाबाद मार्ग वाया जयपुर, अजमेर भी पूर्णतया विद्युतीकृत हो जायेगा।
रेल विद्युतीकरण से ये होंगे फायदे
 उन्होने बताया कि डीजल इंजन के धुएं से होने वाले प्रदुषण से मुक्ति मिलेगी, विद्युत इंजनों की लोड क्षमता अधिक होने के कारण अधिक भार वहन, अधिक ट्रेनों का संचालन संभव होगा। ईंधन आयात पर निर्भरता में कमी, इलेक्ट्रीक गाडियों की परम्परागत गाडियों से इसकी औसत गति अधिक होती है तथा डीजल की अपेक्षा बिजली की लागत कम होने से राजस्व की बचत होगी। 

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