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Wednesday, 18 August 2021

नहरी चोरी रोकने को लेकर राज्य के पहले थाने समेत मुख्यमंत्री ने राज्य के 9 थानों का किया वर्चुअली शुभारंभ

ना हनुमानगढ़ समेत राज्य के कुल 15 पुलिस थानों के नए भवन का भी किया लोकार्पण


हर हाल में मिले पीडि़त को न्याय - मुख्यमंत्री

हनुमानगढ़,। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि आमजन को त्वरित न्याय, अपराधियों में भय और बेहतर कानून व्यवस्था के लिए राज्य सरकार पुलिस के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। विगत ढाई वर्ष में अनिवार्य एफआईआर पंजीयन, थानों में स्वागत कक्ष, महिला अपराध पर लगाम के लिए स्पेशल इनवेस्टीगेशन यूनिट सहित कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लेने के साथ ही पुलिस को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने कहा है कि पुलिस इस भावना के साथ काम करे कि हर हाल में पीडि़त पक्ष को न्याय मिले।

                                    श्री गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से करीब 34 करोड़ रूपए की लागत से तैयार 15 पुलिस थानों के नवीन भवन के लोकार्पण तथा नवसृजित 9 पुलिस थानों के शुभारम्भ समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने हनुमानगढ़,जयपुर, झुंझुनूं, टोंक, पाली, चित्तौड़गढ़ और राजसमन्द में एक-एक, उदयपुर में 2 और भीलवाड़ा एवं नागौर में 3-3 पुलिस थानों के नए भवन का लोकार्पण किया तथा जयपुर पूर्व और डूंगरपुर में 2-2,हनुमानगढ़, चूरू, उदयपुर, अलवर और चित्तौड़गढ़ में एक-एक नए थाने का शुभारंभ किया। खास बात ये कि हनुमानगढ़ के जिस नए थाने श्श्नहरी पानी सुरक्षा एवं चोरी निरोधक थाना, नोहरश्श् का शुभारंभ मुख्यमत्री के द्वारा किया गया। वह नहरी पानी चोरी रोकने को लेकर राज्य का प्रथम पुलिस थाना है।

                                 मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि क्षेत्रफल को देखते हुए प्रदेश में पुलिस थानों की संख्या में चरणबद्ध रूप से बढ़ोतरी हो। इस दिशा में प्राथमिकता के आधार पर नए थाने स्थापित करने के साथ ही पुलिस चौकियों को भी थानों में क्रमोन्नत किया जा रहा है, ताकि लोगों को परिवाद दर्ज कराने के लिए दूर नहीं जाना पड़े। पुलिस थानों को भवन और बेहतर संसाधन एवं सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए भी सकारात्मक सोच के साथ काम किया जा रहा है।

                                 श्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान ऎसा पहला राज्य है, जिसने अनिवार्य एफआईआर रजिस्ट्रेशन की नीति लागू की। इससे न्यायालयों में इस्तगासों में कमी आई है। बलात्कार के प्रकरणों में वर्ष 2017-18 में करीब 33 प्रतिशत महिलाओं को एफआईआर के लिए कोर्ट जाना पड़ता था। अब यह आंकड़ा घटकर 16 प्रतिशत रह गया है। वर्ष 2019 में महिला अत्याचारों के 34 प्रतिशत प्रकरण पूरे देश में लंबित थे, जबकि राजस्थान में महिला अत्याचारों के प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के कारण वर्ष के अंत तक मात्र 9 प्रतिशत प्रकरण लंबित थे। देश के दूसरे कई राज्यों में कम पंजीकरण के बावजूद राजस्थान से ज्यादा प्रकरण लंबित थे। उन्होंने कहा कि महिला दुराचार के प्रकरणों की जांच में लगने वाला औसत समय भी प्रदेश में 287 दिनों से घटकर 140 दिन रह गया है।

                                  मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और जिला स्तर पर गंभीर एवं जघन्य अपराधों के अनुसंधान के लिए हीनियस क्राइम मॉनिटरिंग यूनिट स्थापित की गई है। नई सोच के साथ पुलिस थानों के प्रशासनिक भवनों का क्षेत्रफल बढ़ाया जा रहा है। साथ ही, थानों में सीसीटीएनएस कक्ष, साइबर कक्ष, पुलिस अनुसंधान कक्ष, महिला बैरक, रेस्ट रूम, स्वागत कक्ष आदि का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि थानों में बड़ी संख्या में झूठे प्रकरण दर्ज होने की बात सामने आती है। वर्ष 2019 की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में कुल निस्तारित केसों में से करीब 45 प्रतिशत मामले झूठे (अदम वकू) पाए गए, जबकि राष्ट्रीय औसत 16 प्रतिशत है। पुलिस प्रोफेशनलिज्म के साथ काम करते हुए झूठे मामले दर्ज करवाने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित करे और पीडि़त को न्याय दिलाना सुनिश्चित करे।

                                 मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नवनिर्मित पुलिस थानों-हनुमानगढ़ सदर, जहाजपुर (भीलवाड़ा) तथा महिला पुलिस थाना (नागौर) में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों-कार्मिकों, ग्राम रक्षक, सुरक्षा सखी, सीएलजी मेंबर आदि से संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि ग्राम रक्षक, सुरक्षा सखी एवं सीएलजी सदस्य पुलिस एवं पब्लिक के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आमजन की उचित माहौल में सुनवाई के लिए थानों में स्वागत कक्ष के निर्माण का नवाचार किया है। पुलिस अधिकारी एवं कार्मिक राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप इन स्वागत कक्षों में फरियादियों की प्रभावी सुनवाई सुनिश्चित करें।

                              मुख्य सचिव श्री निरंजन आर्य ने कहा कि वाहनों एवं अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए पुलिस को आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। इसका पुलिस की कार्यशैली पर सकारात्मक असर भी देखने को मिला है।

                             पुलिस महानिदेशक श्री एमएल लाठर ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की पहल पर विगत ढाई वर्ष में पुलिस के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अभूतपूर्व काम हुआ है। पुलिस थानों के नवीन भवनों का निर्माण, जर्जर भवनों की मरम्मत तथा आवासीय सुविधा के लिए राज्य सरकार ने पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाया है। उन्होंने बताया कि करीब 454 पुलिस थानों में स्वागत कक्ष का निर्माण हो चुका है और शेष में कार्य प्रगति पर है।

                             प्रमुख शासन सचिव गृह श्री अभय कुमार ने कहा कि कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रदेश में विगत ढाई वर्ष में एक पुलिस जिला, 2 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, 21 थानों, 2 साइबर थानों, 32 चौकियों, 2 एटीएस की चौकियों, माफियाओं पर कार्रवाई के लिए एसओजी की 2 फील्ड यूनिट एवं एक एंटी नार्कोटिक इकाई का गठन किया गया है। साथ ही, 2422 हैड कांस्टेबल और कांस्टेबल को माइनर अनुसंधान के अधिकार दिए गए हैं।
                                 
                           इस मौके पर नोहर विधायक श्री अमित चाचाण ने मीडिया से मुखातिब होते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मैं नोहर के किसानों की ओर से माननीय मुख्यमंत्री को धन्यवाद देता हूं कि उन्होने राजस्थान में ऐसा पहला थाना खुलवाया जो केवल नहरी पानी चोरी रोकने का कार्य करेेगा। टेल पर बैठे किसानों को उनके हक का पूरा पानी पहुंचाने के लिए कार्य करेगा। उन्होने कहा कि नोहर में पिछले कई वर्षों से ये मांग उठ रही थी कि नोहर टेल पर होने के चलते किसानों को उनके हक का पूरा पानी नहीं मिल पा रहा था। इन नहरों पर पानी माफिया पनपे हुए थे जो लगातार पानी की चोरी कर रहे थे। मैने स्वयं ने भी सर्द रातों में सात -सात दिन तक नहर पर गश्त की। नहर के किनारे तंबू लगाकर बैठे। साथ ही इस मामले को विधानसभा में उठाकर मुख्यमंत्री को भी इस बारे में अवगत करवाया।
   
                           भादरा विधायक श्री बलवान पूनियां ने इस मौके पर कहा कि नोहर भादरा के करीब सवा दो सौ गांव जो अमर सिंह ब्रांच, सिद्धमुख नहर, नोहर फीडर और सावा लिफ्ट कैनाल से जुड़े हुए हैं जहां सिंचाई पानी चोरी की समस्या थी। इस बात को लेकर दोनों विधायकों द्वारा समस्या विधानसभा में उठाई गई। आज मुख्यमंत्री महोदय ने सिंचाई का अलग से थाना खोलकर किसानों की सिंचाई पानी चोरी की बात को सुना है और मजबूती से चोरी को रोकने को लेकर कदम उठाए गए हैं। उन्होने कहा कि ये बात सही है कि जब से नहर का निजीकरण हुआ है सरकारी कर्मचारी हटे हैं सिंचाई पानी की चोरी की घटनाएं बढ़ी है। और टेल तक हर किसान को पानी मिले, इस बात की प्रतिबद्धता के रूप में आज सिंचाई थाने के उद्घाटन हुआ है। हम समझते हैं कि मजबूती के साथ किसान के हर खेत तक उसके पानी का जो हिस्सा है उसको पहुंचाने का कार्य करेंगे।  
 
                           श्री भूपेन्द्र चौधरी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि पहले बिजली चोरी रोकने को लेकर अलग से थाने बने तो बिजली चोरी पर अंकुश लगा।  अब सरकार ने नोहर-भादरा क्षेत्र में नहरी पानी चोरी को रोकने को लेकर माननीय मुख्यमंत्री ने स्पेशली नहरी पानी चोरी रोकने को लेकर राजस्थान का पहला थाना नोहर में खोला है तो निश्चित तौर पर नहरी पानी चोरी पर अंकुश लगेगा और टेल के किसानों को उनके हक का पूरा पानी मिल सकेगा। साथ ही उन्होने कहा कि सदर थाना भी बहुत अच्छा बना है। अब ये उम्मीद की जाती है कि पुलिस प्रशासन को सरकार जो सुविधाएं दे रही है चाहे गाडि़यों की हो या भवनों की। उसका पुलिस पूरा फायदा उठाते हुए लोगों की सेवा में कोई कमी नहीं रखेगी।

                          नोहर में नहरी पानी सुरक्षा एवं चोरी निरोधक थाना खोलने को लेकर मीडिया से मुखातिब होते हुए एसपी श्रीमती प्रीति जैन ने कहा कि जिले के लिए ये बहुत बड़ी सौगात है। पूरे राजस्थान में पानी चोरी रोकने को लेकर ये पहला थाना है। इससे निश्चित रूप से संबंधित क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।सदर थाने में नए बिल्डिंग बनने और स्वागत कक्ष का भी निर्माण हुआ है। इसका निश्चित रूप से पब्लिक को बहुत फायदा होगा और आने वाले समय में पुलिस और बेहतर ढंग से जनता की समस्याओं का निराकरण कर पाएगी। नोहर थाने में अब तक 21 पुलिसकर्मियों का स्टाफ लगाया गया है। आने वाले समय में और स्टाफ नियोजित किया जाएगा ताकि पानी चोरी की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके।
                         गौरतलब है कि सदर थाने की नई बिल्डिंग का निर्माण 1 करोड़ 92 लाख की लागत से किया गया है। कुल 14 ग्राम पंचायतों जिनमें से हनुमानगढ़ की 9 और पीलीबंगा विधानसभा क्षेत्र की कुल 5 ग्राम पंचायत को ये कवर करेगा। वहीं नहरी पानी सुरक्षा व चोरी निरोधक थाना नोहर व भादरा विधानसभा क्षेत्र दोनों में नहरी चोरी रोकने का कार्य करेगा।                              

नहरी पानी सुरक्षा एवं चोरी निरोधक थाना नोहर के शुभारंभ के दौरान ये रहे उपस्थित- मुख्यमंत्री के द्वारा नहरी पानी सुरक्षा एवं चोरी निरोधक थाना नोहर के वर्चुअली शुभारंभ के दौरान नोहर पंचायत समिति के वीसी रूम में नोहर विधायक श्री अमित चाचाण , भादरा विधायक श्री बलवान पूनियां , नोहर पंचायत समिति प्रधान श्री सोहन ढील,नोहर  नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मोनिका खटोतिया, नोहर उपखंड अधिकारी सुश्री श्वेता कोचर,  श्री श्रवण तंवर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राजेन्द्र मीणा, उपाधीक्षक श्री महेंद्र सिंह राजवी, उप जिला प्रमुख श्री मुकेश सहारण, उप प्रधान श्री रामकुमार सैनी, नहरी थाने के थानाधिकारी श्री मानसिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि विभिन्न थानों के थाना प्रभारी और सिंचाई विभाग के अधिकारी, सीएलजी मेंबर, ग्राम रक्षक, सुरक्षा सखी सहित अन्य अधिकारी एवं आमजन उपस्थित रहे।  

सदर थाना लोकार्पण के दौरान हनुमानगढ़ में ये रहे मौजूद- मुख्यमंत्री के द्वारा सदर थाना के नए भवन के लोकार्पण के समय सदर थाना परिसर में पीलीबंगा विधायक श्री धर्मेंद्र मोची, जिला प्रमुख श्रीमती कविता मेघवाल, नगर परिषद चेयरमैन श्री गणेश राज बंसल,हनुमानगढ़ विधायक प्रतिनिधि श्री भूपेंद्र चौधरी, जिला व सत्र न्यायाधीश श्री संजीव मागो, जिला कलेक्टर श्री नथमल डिडेल, जिला पुलिस अधीक्षक श्रीमती प्रीति जैन, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य श्री मुज्जफर अली, प्रधान प्रतिनिधि श्री दयाराम जाखड़, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष श्री जितेंद्र गोयल,पूर्व जिला परिषद सदस्य श्री कुुलदीप नैण, एडिशनल एसपी श्री जैसा राम बोस,  एडीपी श्री ओम प्रकाश आर्य,एसीपी श्री योगेंद्र कुमार,सीओ सिटी श्री प्रशांत कौशिक, औषधि नियंत्रण अधिकारी श्रीमती अमनदीप कौर, श्रीमती श्वेता छाबड़ा, डीओआईटी से डॉ केन्द्र प्रताप, बाल कल्याण समिति के सदस्य श्री प्रेमचंद शर्मा, बार संघ अध्यक्ष श्री मनजिंदर सिंह लेघा, जंक्शन थानाधिकारी श्री नरेश गेरा, महिला थानाधिकारी श्रीमती मोनिका बिश्नोई, टाउन थानाधिकारी श्री दिनेश सहारण,सदर थाना के कार्यवाहक प्रभारी श्री सुरेश कुमार मील,  विशिष्ट लोक अभियोजक श्री दिनेश दाधीच, अभियोजन अधिकारी श्रीमती मीनाक्षी भिडासरा, अभियोजन अधिकारी श्री पुष्पेंद्र सिंह शेखावत, श्रीमती अनीता मीणा,  लोक अभियोजक श्री उग्रसेन नैण, अपर लोक अभियोजक श्री दुलीचंद, श्री नरेंद्र, श्री रिछपाल सिंह समेत सीएलजी मेंबर, ग्राम रक्षक, सुरक्षा सखी सहित अन्य अधिकारी एवं आमजन उपस्थित रहे।

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