स्वच्छता को बेहतर बनाने के लिये प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिये आह्वान।


श्रीगंगानगर। रेलवे द्वारा स्वच्छता को बेहतर बनाने के लिये अनेक कार्य किये जा रहे है। स्टेशनों व ट्रेनों में स्वच्छता को सुदृढ़ बनाने के लिये जन सहभागिता की आवश्यकता है। इसी कड़ी में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है।
    उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी  तरूण जैन के अनुसार प्लास्टिक के अधिकाधिक उपयोग से स्वच्छता तो प्रभावित होती है, साथ ही प्लास्टिक का उपयोग सेहत के लिये हानिकारक है एवं इससे वातावरण भी दुषित होता है। प्लास्टिक को नष्ट नहीं किया जा सकता है, इसको पुनः उपयोग में लेने के लिये रि-साइकिल किया जाता है। स्टेशन पर प्लास्टिक बोतल का कचरा अधिक होता है और इसे इधर-उधर फेंक देने से गंदगी फैलती है और यह पर्यावरण को दुषित भी करता है, इसके निराकरण के लिये जयपुर, जोधपुर और अजमेर स्टेशनों पर बोतल क्रसर प्लांट स्थापित किये गये है, जिससे प्लास्टिक बोतलों का उचित निराकरण होता है। इसके अतिरिक्त बीकानेर, अलवर व गांधीनगर जयपुर स्टेशनों पर भी शीघ्र ही बोतल क्रसर प्लांट लगाये जायेंगे।
प्लास्टिक से होने वाले नुकसान से बचने का तरीका उसका कम से कम उपयोग किया जाये। इसी कड़ी में स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अन्तर्गत प्लास्टिक का उपयोग न करने का आह्वान किया जा रहा है। इस अभियान के तहत यात्रि़ायों, रेल कर्मचारियों तथा वेन्डर्स को प्लास्टिक से होने वाले नुकसान के बारे में समझाकर उन्हें इसका उपयोग न करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है, ताकि रेलवे परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सकें।
    स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के दौरान जयपुर, अलवर, गांधीनगर जयपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, जोधपुर, बाड़मेर, पाली मारवाड़, जैसलमेर, नागौर स्टेशनों पर विशेष अभियान चलाकर प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिये जागरूक किया गया।

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