नई दिल्ली(जी.एन.एस) भारत से भागे हुए शराब कारोबारी विजय माल्या के एक बयान ने देश की राजनीतिक पार्टियों से लेकर बैंक क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। विजय माल्या द्वारा भारत छोड़ने से पहले केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से अपनी मुलाकात का दावा करने के बाद ही ये सब हो रहा है। विजय माल्या के इस बयान को लेकर एक तरफ जहां विपक्ष बीजेपी पर निशाना साध रही है तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी अपने आप को बचाते हुए विजय माल्या के बयान से साफ मुकर गई है। वहीं अब विजय माल्या को लेकर एक और बड़ी बात सामने आ रही है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को सलाह दी थी कि विजय माल्या को विदेश जाने से रोका जा सकता है। हालांकि उस समय एसबीआई ने कानूनी सलाह पर कोई कार्रवाई नहीं की थी।
एक मीडिया के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि उन्होंने एसबीआई प्रबंधन के शीर्ष अधिकारी से मिलकर उन्हें यह बताया था कि विजय माल्या भारत से भाग सकता है। उन्होंने बताया कि एसबीआई के शीर्ष अधिकारी से उनकी मुलाकात रविवार 28 फरवरी, 2016 को हुई थी। दवे ने एसबीआई को माल्या का पासपोर्ट रद्द करने की सलाह दी थी। उन्होंने एसबीआई से कहा था कि वो एसबीआई का दरवाजा खटखटा सकते है। इसके अलावा दवे ने बताया कि एसबीआई अध्यक्ष और कई शीर्ष अधिकारी इस बैठक और उनके द्वारा दी गई इस सलाह के बारे में जानते थे। इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके 4 दिन बाद माल्या ने देश छोड़ दिया।

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