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Sunday, 10 February 2019

जल संसाधन विभाग में खाला निर्माण को लेकर हुए करोड़ों के घोटाले की जांच की मांग



- आरटीआई कार्यकर्ता अनिल जांदू ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र

हनुमानगढ़। जल संसाधन विभाग में खालों के निर्माण कार्यों में करोड़ों का घोटाला उजागर होना पाया गया है। राजनैतिक सरंक्षण और सत्ता का दुरूपयोग करते हुए एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को लाखो-करोड़ों के टेंडर नियमों को ताक पर रखते हुए जिम्मेदार आला अधिकारीयों द्वारा दे दिए गए। इस बड़े घोटाले की जांच करवाने की मांग किसान यूथ ब्रिगेड के प्रदेशाध्यक्ष और आरटीआई कार्यकर्ता अनिल जान्दू ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से की है। पिछले तीन सालों से इस मुहीम में लगे जांदू को सुचना प्राप्त करने के लिए जयपुर सुचना आयोग तक जाना पड़ा। एक लम्बी जदोजहद के बाद आरटीआई से मिली सुचना के अनुसार करीब तीन दर्जन खालों के निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया में धांधली हुई है। ये सभी कार्य एक मात्र एक कंपनी विशेष नैना कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिए गए है जो की तकनिकी रूप से इन कार्यों में भागीदार नहीं हो सकती। जांदू ने बताया की कार्यालय अधिशाषी अभियंता गंगनहर ओएफडी खंड प्रथम सीएडी, विजयनगर , मुख्यालय हनुमानगढ़ के अधीन भाखड़ा केनाल प्रोजेक्ट के तहत चक 14 एलएलडब्ल्यू में 82 लाख 8 हजार, चक 8 एस एस डब्ल्यू - ए में 87 लाख तरेपन हजार, चक 19 एलएलडब्ल्यू में 56 लाख, पांच केके डब्ल्यू में एक करोड़ चालीस लाख, चक 6 केके डब्ल्यू में एक करोड़ सत्रह लाख, चक 32 एलएलडब्ल्यू - बी में 67 लाख, आठ एसएसडब्ल्यू-बी में 62 लाख छबीस हजार, 29 एलएलडब्ल्यू में 88 लाख तीस हजार सहित करीब तीन दर्जन किसानों के खेतों में खालों के कार्य हुए है। इन सभी कार्यों की निविदा सूचना से लेकर टेंडर प्रक्रिया और कार्य समाप्ति तक पूर्णतय: जाँच होनी चाहिए क्योंकि ये सभी कार्य नैना कंस्ट्रक्शन कंपनी को नियमों की घोर अनदेखी करते हुए दिए गए है। तीन दर्जन कार्य तो दूर उक्त कंस्ट्रक्शन कंपनी किसी एक कार्य में भी टेक्नीकल बीड को पास नहीं करती है फिर भला उसे कैसे ये कार्य दिए गए आदि सभी पहलुओं पर जांच होनी चाहिए। जान्दू ने बताया की इन सभी निविदाओं को पारित करने में जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता भी संदेह के घेरे में आ रहे है। इस संदर्भ में पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक विनोद चौधरी को भी अवगत करवाया गया है। 

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