125 वर्षीय वृद्ध महिला का निधन,इस पड़ाव पर थी फिट, अपना काम करती थी खुद

मृतक चुनकी देवी

गजसिंहपुर(फ़तेह सागर की विशेष रिपोर्ट) गजसिंहपुर थाना क्षेत्र के गांव 31 बीबी में 9 फरवरी को  सवा सौ साल आयु की महिला का देहांत हो गया। महिला के परिजनों  के अनुसार मृतक चुनकी देवी पत्नि नौरंगा राम स्वतन्त्रा के बाद भारत पाक विभाजन के बाद यहां आकर बसी थी। परिजनों के अनुसार महिला का जन्म शहर  अहमन्दपुर तह अहमन्दपुर जिला बहावलपुर पाकिस्तान में हुआ था। 
मृतक चुनकी देवी अपनी बेटी सुखी देवी के साथ

देश विभाजन के बाद वह पदमपुर के गांव 7 डीडी  में आई और करीबन 15-20 साल तक यहां रही।  उसके बाद  वह गजसिंहपुर के समीप  गांव 31 बीबी में रहने लगी। यहीं चुनकी देवी ने अपनी शेष जिंदगी गांव 31 बीबी में  ही बिताई। पिछले 3 माह से चुनकी देवी बीमार चल रही थी। 9 फरवरी को  उसकी मृत्यु हो गई। मृतका की बेटी सुखी देवी गजसिंहपुर के वार्ड न. 03 में निवास कर रही है । सुखी देवी का जन्म  पाक से आते हुए हिन्दुस्तान में  ही होगा था। चुनकी देवी का बेटा सुल्ताना राम घड़साना में रह रहा है।  वह अपने पुत्रआदूराम  के पास 31 बीबी में रह रही थी । 

मृतका के पुत्र के अनुसार चुनकी देवी नायक के पति की सात पत्नियां थी। जिनमें से एक चुनकी देवी हिन्दुस्तान में निवास करती थी। बाकी 6 पत्नियां पाक में पति सहित रह गई थी। वे पाकिस्तान  में अब जिंदा है या नहीं इसके बारे में चुनकी देवी और उसके परिवार को कुछ  पता नही था। भारत आने के बाद इस महिला को पति नौरंगा राम के बारे में भी कभी कोई सूचना नही मिली। वे जिंदा रहे जा मर गए उसे नही पता था। चुनकी  देवी जिंदगी के अंतिम पड़ाव पर भी अपने घर का काम काज खुद ही करती थी। उसे किसी  का किया काम  पसंद नहीं था।  अभी भी भैंस और गाय की दूध खुद ही निकलती थी।
मृतक के बेटा-बहु परिवार

पाकिस्तान छोड़ने का कारण
कयूकि मृतका का पति पाकिस्तान का गेंग का गुंडा था ।वो अपनी पत्नि और उसके पेट में पल रही थी बेटी को मारना चाहता था चुनकी देवी के पति ने अपनी पत्नि ज़िन्दा या मुर्दा पकड़ने के लिए अपनी फौज जगह-जगह तैनात की पर वो  चुनकी देवी को पकड़ने में नाकाम  साबित हुए ।इस कारण मृतक पाकिस्तान से भागकर हिन्दुस्तान में शरण ली ।

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