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सैनिक की मृत्यु मामले में पत्नी ने शव लेने से किया इंकार, शहीद का दर्जा देने की मांग की


ढ़ाणी मौजी गांव में सैनिक को सैनिक सम्मान देते जवान
सादुलपुर (ओमप्रकाश)। गांव ढ़ाणी मौजी निवासी सीआरपीएफ के जवान रामनिवास की श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान हुई मौत मामले में शनिवार को सैनिक की पत्नी सरिता देवी ने शव लेने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उसके पति ने २५ साल तक देश की सेवा की है तथा उसके पति को शहीद का दर्जा मिले। सैनिक की पत्नी ने कहा कि जब तक जिला
ढ़ाणी मौजी गांव में सैनिक की मृत्यु के बाद विलाप करती बहिन
कलक्टर उचित कार्रवाई का आश्वासन नहीं देंगे। दोपहर ११ बजे बाद भाजपा नेता रामसिंह कस्वा, विधायक मनोज न्यांगली, तारानगर विधायक जयनारायण पूनिया, प्रदेश कांग्रेस सचिव कृष्णा पूनिया, डीएसपी सुरेशचंद्र जांगिड़, तारानगर एसडीएम ताराचंद मौके पर पहुंचे तथा पीडि़तों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कस्वा ने सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेमसिंह बाजौर से भी वार्ता कर उचित कार्रवाई की मांग की। वहीं कृष्णा पूनिया ने भी शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। जिसके बाद सैनिक की अंत्येष्टि हो सकी। सुबह छह बजे लगभग सैनिक के शव को लेकर सीआरपीएफ के जवान गांव में पहुंचे। सैनिक की शव यात्रा में गांव ही नहीं बल्कि आस-पास के गांवों के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी तथा सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। भारत जिंदाबाद नारों के साथ पुष्पार्पित कर सैनिक को श्रद्धांजलि दी गई।




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